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Press Note

मुख्यमंत्री जी आपके जेल मंत्री चाहते है जयहिन्द जेल जाए या जान से जाए, बताओ मैं क्या करु – जयहिन्द

रोहतक (19 जून) / वीरवार 19 जून को नवीन जयहिन्द ने अपने बीपीएल आवास पर प्रेसवार्ता कर महत्वपूर्ण खुलासा किया। जयहिन्द ने बताया कि हमने अपने स्तर पर जांच करके यह पता लगाया है कि यह पूरी साजिश गोहाना में स्थित मंत्री के घर(ऑफिस) में रची गई थी। जिन लोगों ने 8 जून को आयोजित जयहिन्द सेना की कोर कमांडर मीटिंग में आकर झगड़ा किया था वे जेल मंत्री अरविंद शर्मा के ही आदमी थे, जयहिन्द ने इस बात को साबित करने के लिए मीडिया के सामने उन लोगों के मंत्री के साथ के फोटो भी सबूत के तौर पर दिखाए। जयहिन्द का कहना है कि कोई हमारे ऊपर हमला करने आएगा अगर हम उसे पीटेंगे तो हम गुंडे साबित होंगे। और अगर हम उन्हें नजरंदाज करेंगे तो हम कायर सभीत होंगे। लेकिन मंत्री जी यह बात समझ ले कि हम न ही गुंडे है और न ही कायर है। इसलिए हम रोहतक के डीसी साहब, एसपी साहब, डीजीपी साहब व मुख्यमंत्री साहब से अपील करते है कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए साथ ही मंत्री व उनके स्टाफ की पूरी डिटेल्स निकाली जाए जिससे सब दूध का दूध ओर पानी का पानी हो जाएगा। इसके लिए मैं खुद मुख्यमंत्री जी के दरबार में जाकर जांच की मांग करूंगा। यह कोई छोटी बात नहीं है। कल को मानो यह भी हो सकता है कि मंत्री जी खुद अपने लोगों पर हमला करवा दे तो धाराएं हम पर लगेगी। एक मंत्री होकर एक मामूली आदमी से डरने की क्या जरूरत है। लेकिन मंत्री हो या मुख्यमंत्री हम नहीं डरते। जयहिन्द ने फोटो दिखाकर यह साबित कर दिया कि जिन लोगों ने 8 जून को हमारी मीटिंग में झगड़ा किया मंत्री जी के ही आदमी थे। झगड़ा करने वाले लोग पत्रकारों को यह बता रहे थे कि मंत्री को नहीं जानते मंत्री से उनका कोई लेना देना नहीं है। लेकिन जयहिन्द ने उन सब लोगों के मंत्री के साथ के फोटो मीडिया के सामने रखे। साथ ही जयहिन्द ने मुख्यमंत्री जी को चेताते हुए कहा कि उनके जेल मंत्री चाहते है कि जयहिन्द जेल जाए या जान से जाए। जयहिन्द ने बताया कि हमें पता चला है कि जो झगड़ा 8 जून को हुआ उसमें वे लोग हथियार लेकर हमला करने की मंशा से पहुंचे थे, उससे पहले भी उन लोगों को 25 मई पहरावर में आयोजित भगवान परशुराम जन्मोत्सव में कार्यक्रम को खराब करवाने के लिए भेजा गया था। ओर उससे पहले भी एक कार्यक्रम में इन्हें झगड़ा करवाने भेजा गया था। जयहिन्द का कहना है कि अगर सरकार को यह लगता है कि जयहिन्द समाज में रहने के लायक नहीं तो सरकार मुझे हरियाणा छोड़ने को कह दे। और अगर समाज को लगता है कि जयहिन्द जो जनता की आवाज उठाता है वह गलत है तो समाज बताए कि मैं लोगों की आवाज उठाना छोड़ दूं। जयहिन्द ने बताया कि हमने अपने जीवन में प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति जी के घर तक आंदोलन किए है, गृह मंत्री अमित शाह जी के सामने भी आंदोलन किए जिसके दो केस आज भी मुझ पर चल रहे है, दस साल हुड्डा साहब जी की सरकार में भी बहुत आंदोलन करे और खट्टर साहब जी के खिलाफ हमने जितने आंदोलन किए शायद ही किसी ने किए होंगे। इस सब आंदोलनों में हमने केस भुगते पुलिस के लठ खाए लेकिन इस तरह की चीजें कभी नहीं हुई। –––बॉक्स––– मेरा कर्जा मै खुद उतारूंगा, लोगो से पैसे लेकर नहीं – जयहिन्द एक पत्रकार साथी के सवाल का जवाब देते हुए जयहिन्द ने कहा कि मैं अपना कर्जा खुद उतारूंगा इसलिए मैं अपनी गाड़ी बेच रहा हूं। मैं लोगों से इसके लिए पैसे नहीं लूंगा। हां अगर बात समाज के काम की होती या आंदोलन की होती तो हम लोगों से पैसे मांगते। लेकिन यह कर्जा मेरे ऊपर मेरी वजह से है तो इसलिए यह कर्ज भी मै अकेले ही उतारूंगा।

मुख्यमंत्री जी छात्रों की मांगे मानो सारी, ना तो चंडीगढ़ आने की है हमारी तैयारी - जयहिन्द

हिसार(13 जून) / शुक्रवार 13 जून को नवीन जयहिन्द हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) में धरने पर बैठे छात्रों का समर्थन करने धरना स्थल पर पहुंचे। जयहिन्द ने धरने पर बैठे छात्रों की मांगो का समर्थन किया व कमेटी को ग्यारह हजार रुपए और एक सोटा भेंट दिया। साथ ही जयहिन्द मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी से अपील करते हुए कहा कि वे इन छात्रों की मांगो को जल्द से जल्द मान ले अगर वे ऐसा नहीं करते है तो मैं इन छात्रों के साथ आपके चंडीगढ़ स्थित आवास पर पहुंचूंगा। जयहिन्द ने बताया कि जो भी छात्र अपनी हक की आवाज उठते है उन पर इस तरह से हमला करने का क्या मतलब है। जिस तरह से छात्रों के सिरों के लाठियां मारी गई है वह बिल्कुल गलत है, यह तो छात्रों को जान से मारने की कोशिश लगती है। ये छात्र कोई नाजायज मांग नहीं मांग रहे थे ये तो सिर्फ अपनी स्कॉलरशिप मांग रहे है। छात्रों को मजबूत करने के लिए ही हमने सोटा भेंट किया है। और एक वीसी, रजिस्ट्रार व सिक्योरिटी का इस साजिश में शामिल होना इससे बड़ी शर्म की बात कुछ ओर नहीं हो सकती। जयहिन्द ने कहा कि हिसार के विधायक व सांसद की पहली जिम्मेदारी बनती है कि यहां छात्रों के पास आकर इनके हालात देखें। साथ ही जयहिन्द ने सभी छात्र नेताओं, सभी पार्टियों के नेताओं से अपील करते हुए कहा कि आपको इन छात्रों का साथ देना चाहिए। साथ ही जयहिन्द ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के पास आने जाने के लिए हेलीकॉप्टर है वे यहां आकर छात्रों से मिले अगर यह आने के लिए उनके हेलीकॉप्टर में तेल नहीं है तो छात्र डलवा देंगे। जयहिन्द ने छात्रों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि आपको केस लगाकर डरने की कोशिश की जाएगी लेकिन आपको डरना नहीं है क्योंकि आपने कोई गलत काम नहीं करा। अगर आप पर कोई केस होगा तो मैं भी अपने ऊपर एफआईआर करवाने को तैयार हूं। साथ ही सभी छात्र अपने मोबाइल फोन को अपना हथियार समझे। जयहिन्द का कहना है कि अगर सरकार व यूनिवर्सिटी प्रशासन के पास बच्चों को स्कॉलरशिप देने के पैसे नहीं है तो वे कटोरा लेकर सड़क पर उतर जाएं। छात्रों पर इस तरह से जानलेवा हमला करवाने का क्या मतलब है। हमने भी 15 साल छात्र राजनीति व बहुत से आंदोलन किए है, जिसमें पुलिस ने हम पर लाठी चार्ज भी किया,लेकिन पुलिस ने कभी हमारे सिरों पर लाठियां तो नहीं मारी। –––बॉक्स––– जयहिन्द ने अहमदाबाद में हुए विमान हादसे को बहुत दुखद बताया। जयहिन्द व सभी छात्रों ने विमान हादसे में मारे गए हमारे देश के नागरिकों के लिए धरना स्थल पर एक मिनट का मौन धारण किया। जयहिन्द ने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि जिंदगी का कुछ पता नहीं होता, लेकिन आप जब तक जीवित है अपने हकों की आवाज उठते रहिए, मै आपके साथ हूं

गाय की रक्षा के लिए अमित शाह का रास्ता रोकने के आरोप में कोर्ट में पेश हुए : जयहिंद

रोहतक (9 जून) / तकरीबन 7 साल पहले हरियाणा दौरे पर आए देश के गृह मंत्री अमित शाह से नवीन जयहिन्द ने हरियाणा की समस्याओं जैसे किसानों के मुआवजे, बेरोजगारी, नशा व कानून व्यवस्था सम्बंधित कुछ सवाल किए थे। जिसे लेकर पुलिस ने जयहिन्द व उनके साथियों पर काले झंडे दिखाने, रास्ता रोकने व मरा हुआ सांड फेंकने जैसे आराेप लगा दिए। जिसे लेकर सोमवार 9 जून 2025 को नवीन जयहिन्द व उनके साथी रोहतक कोर्ट में पेश हुए। जयहिन्द ने बताया कि पता नही क्या कारण है कि पुलिस मेरे केस में गवाही देने नही आ रही, इसके पीछे हमे यह मंशा लगती है कि मानो सरकार नही चाहती के जयहिन्द के केस में पुलिस की गवाही हो और जयहिन्द ऐसे ही कोर्ट के चक्कर लगाता रहे। जयहिन्द ने कहा कि मुझ पर एक दर्जन से ज्यादा केस दर्ज है, क्या हरियाणा में ओर कोई नेता नहीं है, जिस पर लोगों की आवाज उठाने पर केस दर्ज हुआ हो। लेकिन जनता की आवाज उठाने के लिए मुझ पर चाहे सौ केस लग जाए, हमें कोई परवाह नहीं। हमने कोई पाप नहीं किया जनता के सवाल पूछकर। ओर हरियाणा की 36 बिरादरी की आवाज ओर उनके मुद्दे ऐसे ही उठाते रहेंगे इसके लिए सरकार बेसिक ओर केस लगवा दे

मंत्री की गीदड़ धमकियों से नहीं डरता-जयहिंद

रोहतक (8 जून) : जयहिंद सेना प्रमुख नवीन जयहिंद द्वारा रविवार 8 जून को जयहिंद सेना के कोर कमांडरो की मीटिंग बुलाई गई जिसमें नवीन जयहिंद ने समाज ओर जनता के मुद्दे उठाने वाले कोर कमांडर क्रांतिकारी साथियों को आमंत्रित किया था ताकि पिछले दिनों 25 मई को पहरावर में मनाए गए भगवान परशुराम जन्मोत्सव पहरावर के आयोजन बारे धन्यवाद किया जा सके और उनके साथ मिलकर खीर खाई जा सके ओर 36 बिरादरी की जनता की समस्याएं उठाने बारे और 36 बिरादरी की समस्याओं का समाधान कराए जाने बारे विचार विमर्श किया जा सके नवीन जयहिंद ने बताया कि हम आज से नहीं पिछले 21/22 सालों से अलग अलग सरकार और मुख्यमंत्री के सामने जनता के मुद्दे ओर समस्याएं उठा रहे हैं लेकिन वर्तमान में पहली बार ऐसा देखने को आया है कि हरियाणा सरकार में शामिल एक मंत्री अरविंद शर्मा जिसने जयहिंद सेना के कोर कमांडरो की हो रही मीटिंग में अपने गुंडों को भेजकर विघ्न डालने की कोशिश की ताकि वहां उपस्थित लोग आपस में ही एक दूसरे से लड़ाई कर बैठे नवीन जयहिंद ने बताया कि में हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी साहब से पूछना चाहता हु कि मंत्री अरविंद शर्मा को एक साज़िश के तहत हरियाणा के लोगो को आपस में लड़वाने की इतनी खुली छूट किसने दे दी है क्या मंत्री अरविंद शर्मा को मंत्री पद का ज्यादा ही घमंड ओर अहंकार हो गया है मंत्री अरविंद शर्मा ने हमारे जयहिंद सेना कोर कमांडरो के कार्यक्रम में अपने गुंडों को भेजकर कार्यक्रम को बिगाड़ने की जो कायराना हरकत की है क्या ये हरकत मुख्यमंत्री सैनी साहब के कहने पर हुई है जयहिंद सेना चलाएगी खीर खाओ अभियान : जयहिंद नवीन जयहिंद ने बताया कि पिछले दिनों हरियाणा विधानसभा में मंत्री अरविंद शर्मा और सफीदों विधायक दादा राम कुमार गौतम के बीच आपसी विवाद हो गया था जिसमें मंत्री अरविंद शर्मा ने ब्राह्मण समाज के बुजुर्ग विधायक दादा रामकुमार गौतम के खिलाफ गोबर खाने की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया था जबकि हम तो लोगो को खीर खिलाने के लिए खीर खाओ अभियान चला रहे है वहीं जयहिंद ने बताया कि हम खीर खाने वाले ब्राह्मण है ना कि गोबर खाने वाले ब्राह्मण और जिन्होंने हमारा तन मन धन से साथ दिया है हम उन क्रांतिकारी साथियों के पास खीर खाने ओर खिलाने के लिए जनता के बीच जाएंगे जयहिंद ने मंत्री अरविंद शर्मा को नसीयत देते हुए कहा कि मंत्री साहब हम ऐसी ऐसी कायराना हरकतों से डरने वाले नहीं है क्योंकि हम परशुराम वंशी , भोलेनाथ पंथी, चंद्रशेखर आजाद पंथी है हमे डराने की हिमाकत ना करे और एक सीधे साधे इंसान को अपनी जिंदगी जीने दे वहीं जयहिंद ने मुख्यमंत्री सैनी साहब को मामले की पूरी जांच कराने बारे कहते हुए कहा कि हमारे कार्यक्रम में अगर मंत्री अरविंद शर्मा के भेजे गए गुंडों के द्वारा ओर हमारे युवा साथियों में आपसी विवाद हो जाता और कोई अनहोनी हो जाती तो इसकी जिम्मेवारी किसकी होती जयहिंद ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री सैनी साहब को लगता है कि जयहिंद समाज के लिए ठीक नहीं है तो जयहिंद को हरियाणा से तड़ी पार कर दे वही जयहिंद ने 36 बिरादरी के समाज के लोगों से भी आह्वान किया कि अगर हरियाणा की 36 बिरादरी को लगता है कि जयहिंद गलत है तो मुझे आकर बता दे में हरियाणा की 36 बिरादरी की जनता की आवाज उठाना बंद कर दुगा सरकारी भगवान परशुराम जन्मोत्सव पहरावर का श्रेय तो जेल में बैठे बाबा ले गए : जयहिंद जयहिंद ने बताया कि मंत्री अरविंद शर्मा को शायद इसलिए जयहिंद से नाराजगी है कि मंत्री अरविंद शर्मा द्वारा पहली बार पहरावर में मनाए गए भगवान परशुराम जन्मोत्सव का क्रेडिट तो जेल में बैठे बाबाओं को चला गया जिसकी मेहरबानी से मंत्री अरविंद शर्मा जेल मंत्री है क्योंकि जेल में बैठे बाबाओं के चेले स्वय अलग अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से ये बाते कह रहे है कि मंत्री अरविंद शर्मा द्वारा मनाए गए भगवान परशुराम जन्मोत्सव पहरावर में बाबा के चेलों की भीड़ को हरियाणा रोडवेज की बसों में भरकर लाया गया था ताकि जेल में बंद बाबाओं को राहत मिलती रहे वही जयहिंद ने बताया कि हमारे कार्यक्रम में भेजे गए गुंडे मंत्री अरविंद शर्मा के घर से मंत्री द्वारा प्रिपलांटेड गुंडे थे

हम परशुराम वंशी और मंत्री जेल में बैठे बाबाओं का पंछी – जयहिन्द

रोहतक (6 जून) / जयहिन्द ने शुक्रवार 6 जून को प्रेसवार्ता कर पहरावर में मनाया गया राज्यस्तरीय भगवान परशुराम जन्मोत्सव को लेकर सबूत दिखाते हुए बहुत महत्वपूर्ण खुलासे किए जयहिन्द ने बताया कि मंत्री जी की कबीर पंथी नहीं है बल्कि जेल में बैठे बाबाओं के पंछी है। साथ ही जयहिन्द ने सभी पत्रकार साथियों को न्योता देते हुए बताया कि रविवार 8 जून को दोपहर के बजे हमारे बीपीएल आवास पर जयहिंद सेना के कोर कमांडरों की मीटिंग की जाएगी जिसमें आगे की रणनीति के बारे में अहम चर्चा की जाएगी। मंत्री जी कहते है कि मैं 120 सालों से कबीर पंथी हूं। लेकिन हम भोलेनाथ पंथी, परशुराम पंथी है, भगत सिंह पंथी है। गोर करने की बात यह है कि जयहिन्द ने एक वीडियो दिखाते हुए कहा जिसमें एक कबीर पंथी ही मंत्री अरविंद शर्मा को नकली कबीर पंथी बता रहा है। जयहिन्द का कहना है कि कबीर तो बड़े संत आदमी थे उन्होंने कभी धन–माया का लोभ नहीं किया। जयहिन्द ने उसी शख्स की वीडियो दिखाते हुए कहा जिसमें वह बता रहा है कि पहरावर में सरकारी राज्यस्तरीय भगवान परशुराम जन्मोत्सव में भीड़ लाने के लिए 700 रोडवेज बसे सतलोक आश्रम धनाना पहुंची। जयहिन्द ने बताया कि एक वीडियो ओर सामने आया कि वहीं कबीर पंथी शक्श यह बता रहा है कि जन्मोत्सव से एक दिन पहले भक्तों में एक मैसेज वायरल करवाया गया ताकि भक्त एक दिन पहले ही आश्रम में पहुंच जाए। जयहिन्द ने बताया कि हमने अपने सूत्रों से पता किया है कि जो सात सौ बसे जन्मोत्सव में भीड़ लाने के लिए लगाई गई थी उनके बारे में हमारे रोडवेज मंत्री अनिल विज साहब को कोई जानकारी ही नहीं है। तो जब रोडवेज मंत्री को ही नहीं पता होगा कि बसे कहा जा रही तो वे किस चीज के मंत्री है। ऐसे तो सारी बसे पता नहीं कहा–कहा चली जाएंगी। यह एक महत्वपूर्ण सवाल है कि किसके कहने पर बसे भेजी गई? बताया जा रहा है कि जेल में बैठे बाबाओं को डराया गया और कुछ लोग यह भी कह रहे है कि जेल मंत्री जी बाबाओं की ही कृपया दृष्टि से ही जेल मंत्री बने है ताकि जेल में बाबाओं के लिए खटोले का इंतजाम हो सके। जयहिन्द ने बताया कि हमारे मुख्यमंत्री जी का चेहरा हमेशा मुस्कुराता रहता था, वे हमेशा चुटकुले सुनते व हस्ते दिखाई देते थे लेकिन पहरावर जन्मोत्सव के बाद उनके चेहरे पर वह खुशी नहीं दिखाई देती। इसका कारण जयहिन्द ने बताया कि पहरावर जन्मोत्सव में 14420 कुर्सियां लगाई गई थी जो एक बार भी नहीं भरी गई।ओर जब मुख्यमंत्री जी का भाषण शुरू हुआ तो वहां लगभग 1400 लोग होंगे बाकी सभी कुर्सियां खाली पड़ी थी, मुख्यमंत्री जी खाली कुर्सियों को भाषण देकर चले गए। जयहिन्द ने कहा कि एक लाख लोगों वाली बात पर मंत्री जी तो शायद राजनीति छोड़ें या न छोड़े लेकिन अगर कोई मुझे झूठा बता दे तो हम मान जाएंगे। जयहिन्द ने बताया कि गौड़ संस्था के चुनाव करवाने की घोषणा का लालच देकर बहुत से लोगों को वहां बुलाया गया लेकिन मुख्यमंत्री जी द्वारा संस्था के चुनाव करवाने को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई। और आज उन लोगों के मेरे पास फोन आ रहे है कि चुनाव की घोषणा क्यों नहीं हुई। जयहिन्द ने कहा हमारा भाई मंत्री जी कभी बसपा का, कभी कांग्रेस का, तो कभी बीजेपी का हो जाता है अभी कुछ दिन पहले हमारे जेल मंत्री जी ने यहां प्रेसवार्ता की थी जिस पर जयहिन्द ने कहा कि उन्होंने 36 बिरादरी के लोगों का इतना बड़ा प्रोग्राम किया लेकिन उनके साथ प्रेसवार्ता में बैठने के लिए एक भी आदमी साथ नहीं था। मंत्री जी ने यह भी कहा था कि पहरावर में भगवान परशुराम जी की बहुत बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाएगी, इसके लिए जयहिन्द ने उनका धन्यवाद किया लेकिन जयहिन्द का कहना है कि हम पिछले 4 सालों से कह रहे है कि यहां परशुराम जी की विश्व की सबसे उन्हीं प्रतिमा स्थापित होनी चाहिए। पहरावर को धाम बनाने की बात से लेकर पहरावर को विश्व में प्रसिद्ध होने की बात तक मंत्री जी ने हमारी बातों को स्वीकारा ये अच्छी बात है। क्योंकि ये सब बाते हम पिछले 4 सालों से लोगों को बता रहे थे। –––बॉक्स––– जयहिन्द ने हरयाणवी कलाकार मासूम शर्मा व अमित सैनी रोहतकिया का जिक्र करते हुए कहा कि जन्मोत्सव में एन दोनों कलाकार कहीं दिखाई ही नहीं दिए और न ही इनका नाम कहीं लिया गया। आमंत्रण की वीडियो और गाने तो इनसे बहुत बनवाई गए। इस पर जयहिन्द ने दोनों कलाकारों पर सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि क्या आप लोगो को गाने व सोशल मीडिया अकाउंट्स डीलिट करने की धमकी तो नहीं मिली हुई थी। मर्द गाने गाने से नहीं होता मर्दों वाले काम करने पड़ते है। आपके साथ अगर कुछ गलत होता है तो उसके खिलाफ बोलना चाहिए। –––बॉक्स––– जयहिन्द ने बताया कि कुछ पत्रकार साथियों को भी वीडियो डीलिट करने की धमकियां दी गई। जिसे भी धमकी दी गई है उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है मैं उनके साथ खड़ा हूं। कुछ पत्रकार साथियों को पैकेज दिए गए की वीडियो को डिलीट कर दो ओर जयहिन्द के खिलाफ खबर डालो। यह एक बहुत बड़ा मामला है। –––बॉक्स––– जयहिन्द ने बताया कि एक ब्राह्मण बिरादरी का पुलिस कर्मचारी जो इनके लिए काम करता था, उसकी विचारधारा उनसे नहीं मिली तो उसने हमारे हक में सोशल मीडिया पर दो पोस्ट डाल दी तो इस कर्मचारी पर बहुत तेजी से एक्शन लिया गया। जयहिन्द ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिसने भी यह करवाया है वह दोबारा एक्शन करवाकर दिखाई उसे हम देखेंगे। और बताएंगे कि कैसे क्या–क्या हुआ है। वह कर्मचारी व उसका पूरा परिवार आज बहुत परेशान है। क्या मुख्यमंत्री जी को इन सब बातों का नहीं पता कि कैसे साधन–संसाधनों व पावर का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।

जेल में बैठे बाबाओं के दम पर जन्मोत्सव मनाना पाप के समान है – नवीन जयहिन्द

रोहतक (31 मई) / जयहिन्द शनिवार 31 मई को प्रेसवार्ता कर बताया कि पहरावर की जमीन पर दो भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाए गए एक 25 मई को क्रांतिकारियों व फरसाधारियों द्वारा मनाया गया और दूसरा सरकारी मनाया गया। लोगो ने दोनों जन्मोत्सव देखे। जयहिन्द ने बताया कि कल सुबह 6 बजे ही एक बस भरकर पुलिसकर्मी मेरे बीपीएल आवास पहुंच गए और मुझे हाउस अरेस्ट कर लिया था, ताकि जयहिन्द सरकारी जन्मोत्सव में न पहुंच पाए। इस पर जयहिन्द ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि मुझे किसके कहने पर हाउस अरेस्ट किया गया? क्योंकि ऐसा नहीं हो सकता कि भगवान परशुराम जी के कार्यक्रम में जयहिन्द विघ्न डाले। यहां तक कि मुख्यमंत्री जी भी इशारों ही इशारों में यह कहते नजर आए कि पहरावर जमीन का श्रेय लेने की किसी को जरूरत नहीं है सबको सब पता है। बताया जा रहा है कि जो घोषणाएं मुख्यमंत्री जी को करके जानी थी वह नहीं की, मुख्यमंत्री जी बहुत नाराज होकर गए है। मुख्यमंत्री जी मैचिंग ग्रांट के इक्यावन लाख रुपए देने की घोषणा करके गए है इस पर जयहिन्द ने कहा कि पूरे कार्यक्रम में तो पांच करोड़ रुपए खर्च हुए है तो इक्यावन लाख का क्या मतलब है। जयहिन्द ने मैचिंग ग्रांट का मतलब समझते हुए कहा जब मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर जी थे तो मेरी उनसे मुलाकात हुई थी, उन्होंने मुझसे कहा था गौड़ ब्राह्मण संस्था की ग्रांट के लिए जयहिन्द दस करोड़ रुपए इक्कठे कर ले और ग्यारह करोड़ मै देदूंगा। उस समय मनीष ग्रोवर, जेपी दलाल, उस समय के डीसी व एसपी भी वहां मौजूद थे। संस्था के पांच करोड़ रुपए देने की बात सुनने में आ रही है, जयहिन्द ने कहा कि समाज ने विधायक, सांसद, मंत्री तुझे बनाया है तो जिम्मेदारी तुम्हारी बनती है संस्था में रूपए देने की ओर तुम हो के संस्था के पैसे ही देने की बात कर रहे हो। क्या एक–एक करोड़ रुपए विधायक, सांसद, व मंत्री नहीं दे सकते। ये लोग सोचते है कि लोगो का भाषणों से पेट भर दो, लोगो को पागल बना दो। लेकिन जब तक जयहिन्द जिंदा है लोगो के साथ ऐसा नहीं होने देगा। एक घोषणा मंत्री जी द्वारा भी की गई जिसमें वे पहरावर की जमीन को पहरावर धाम घोषित कर रहे है। हम उनको बता दें पिछले तीन सालों से वह पहरावर परशुराम धाम घोषित है। लगता है मंत्री जी नींद में थे, क्या मंत्री जो को वहां स्थापित भोलेनाथ का त्रिशूल व परशुराम का फरसा नहीं दिखा।उन्हें नहीं दिखा होगा लेकिन लोगो ने वहां पहुंच कर भगवान भोलेनाथ व परशुराम जी का आशीर्वाद जरूर लिया है। फरसाधारियों की वजह से ही आज पूरी दुनिया पहरावर को जान रही है। लेकिन लोगो ने बताया जो 30 मई को जन्मोत्सव मनाया गया जितना उसके बारे में बताया जा रहा था उसमें ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। बड़ी अजीबो गरीब वीडियो सामने आई है। ऐसा लग रहा है मानो पहरावर धाम को बाबा धाम बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि ऐसा हम नहीं होने देंगे। जेल में बंद बाबाओं को डराकर उनके अनुयायियों को जन्मोत्सव में बुलाया गया। बताया जा रहा है कि एक बाबा के बेटे से मिला गया और एक बाबा की बेटी से मिला गया। इस पर जयहिन्द ने कहा कि क्या भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाने के लिए बाबाओं की जरूरत पड़ेगी ब्राह्मणों को, क्या ब्राह्मण इतने कमजोर है? जन्मोत्सव में भाड़े की भीड़ बुलाने का क्या मतलब है? अगर 36 बिरादरी नहीं बुलाई गई तो 36 बाबाओं को बुला लेते, मदद सिर्फ दो बाबा से ही क्यों? जिस तरह से हरियाणा रोडवेज की बसें दो आश्रमों में लोगो को लेने गई थी, हमें लगता इस काम से भगवान परशुराम बहुत नाराज हुए होंगे। भगवान परशुराम के भक्त कमजोर नहीं है और यह हमने 25 मई को पहरावर में दिखा दिया। जयहिन्द ने पत्रकार साथियों से कहा कि जब भी मंत्री जी यहां आए तो उनसे जरूर पूछना की क्या जन्मोत्सव में भीड़ बाबाओं के अनुयायियों की नहीं थी। यहां तक कि एक वीडियो में मंत्री जी पुलिसकर्मियों को भंडारा रुकवाने के आदेश देते दिख रहे है। क्या भंडारा शुरू होने के बात रुकवाया जाता है? जयहिन्द ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या जो वीडियो सामने आ रही है जैसे कि मुख्यमंत्री साहब खाली कुर्सियों को भाषण दे रहे है, लोग वहां दारू पी रहे है, दिहाड़ी पर आए है ऐसी बात कर रहे है, जिन हरियाणा रोडवेज की बसों में श्रद्धालु आए उन बसों पर जेल में बंद बाबाओं की तस्वीरें लगी हुई थी क्या ये वीडियो सच है या झूठ? अगर ये सब सच है तो इस जन्मोत्सव का श्रेय देल में बैठे बाबाओं को जाता है। जयहिन्द ने कहा कि जो लोग मुझे गालियां देने पर इतना जोर लगा रहे थे अगर वें जन्मोत्सव को सफल बनाने पर लगते तो ज्यादा अच्छा होता। मैं कुछ भी नहीं हूं और खुद मंत्री जी तो चार बार के सांसद है। हम तो सिर्फ सामाजिक लड़ाई लड़ रहे है। –––बॉक्स––– जयहिन्द ने कुछ नाम गिनवाते हुए कहा कि यह उन लोगों के नामों की लिस्ट है जो वहां पहुंचने थे। जैसे एमपी से उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला जी, अरविंद शर्मा जी, अनिल विज जी, राव नरबीर सिंह जी, कृष्णलाल पंवार जी, विपुल गोयल जी, महिपाल ढांडा जी, श्रुति चौधरी जी, श्याम सिंह राणा जी, आरती राव जी, रणवीर गंगवा जी, कृष्णा बेदी जी, राजेश नागर जी, गौरव गौतम जी, सतीश शर्मा जी, महेश शर्मा जी, कार्तिकेय शर्मा जी, रेखा शर्मा जी, मनोज तिवारी जी, इनमें से कितने लोग वहां पहुंचे यह सब अपने देख ही लिए होंगे। यह महत्वपूर्ण नहीं है कि ये लोग आए या नहीं आए, महत्व पुराण यह है कि समाज को इससे मिला क्या।

परशुराम के भक्त को बनवाया पुलिस से बंधक और भाड़े की बुलाई भीड़ – जयहिन्द

रोहतक (30 मई) / जैसा कि आप सभी जानते है शुक्रवार 30 मई को पहरावर में सरकार द्वारा राज्यस्तरीय भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाया गया जिसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी पहुंचे। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के पहरावर पहुंचने से पहले सैकड़ों पुलिसकर्मी बस भरकर नवीन जयहिन्द के बीपीएल आवास पर पहुंच गए और जयहिन्द को हाउस अरेस्ट कर लिया। नवीन जयहिन्द ने हलवाई बुलाकर देसी घी का खीर–हलवा(सब्जी–पूरी) बनवाई और बीपीएल आवास पर ही भंडारा करवा दिया। सभी पुलिसकर्मियों व आस–पास के लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। जयहिन्द ने कहा कि क्या मैं आतंक वादी हूँ, क्या मैं गुंडा बदमाश हूँ। ऐसा क्यों है की जब भी सीएम साहब रोहतक आते है तो जयहिन्द को हाउस अरेस्ट किया जाता है। हम तो भोलेनाथ के भक्त और परशुराम के चेले है तो हैं यमराज से भी नहीं डरते तो सरकारें क्या चीज है। जयहिन्द ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या जो वीडियो सामने आ रही है जैसे कि मुख्यमंत्री साहब खाली कुर्सियों को भाषण दे रहे है, लोग वहां दारू पी रहे है, दिहाड़ी पर आए है ऐसी बात कर रहे है, जिन हरियाणा रोडवेज की बसों में श्रद्धालु आए उन बसों पर जेल में बंद बाबाओं की तस्वीरें लगी हुई थी क्या ये वीडियो सच है या झूठ? क्या जेल में बैठे दो बाबाओं को डराकर उनके अनुयायियों को जन्मोत्सव में बुलाया गया यह सच है। दो डेरो में बस भरने के लिए भेजी गई। अगर ये सब सच है तो इस जन्मोत्सव का श्रेय देल में बैठे बाबाओं को जाता है। जयहिन्द ने कहा कि जो भी लोग व श्रद्धालु पहरावर पहुंचे बहुत अच्छी बात है लेकिन एक जानकारी के अनुसार जो बाबा हिसार जेल में बंद है और रोहतक जेल में बंद है उनको भी बुला लेते। सिर्फ उनके भक्त भुलाए गए। परशुराम के भक्त को तो पुलिस द्वारा बंधक बनवा दिया गया और भाड़े की भीड़ पहरावर जन्मोत्सव में बुलाकर खीर खिलाई गई। लगता है यह जन्मोत्सव जेल में बैठे बाबाओं को डराकर उनके अनुयायियों को बुलाकर भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाया गया है। आज जो पहरावर की जमीन का श्रेय लेने की होड लगी हुई है उस पर जयहिन्द ने क्या की यह जमीन न तो कांग्रेस वाले दी न ही बीजेपी वालों दी, यह पहरावर गांव की जमीन थी और भगवान भोलेनाथ व परशुराम जी के आशीर्वाद से पहरावर गांव, हजारों फरसाधारियों व 36 बिरादरी के योद्धाओं ने फरसे के दम पर जमीन वापिस ली तो इसका श्रेय सिर्फ भगवान भोलेनाथ, परशुराम जी, पहरावर गांव, हजारों फरसाधारियों व 36 बिरादरी के योद्धाओं को है। मंत्री जी तो युद्ध के उस समय में अपने घोड़े लेकर भाग गए थे। जयहिन्द ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री जी बढ़िया घोषणाएं करके गए होगे तो उनकी बड़ाई करेंगे वरना लड़ाई करेंगे। आप देखिए जब मुख्यमंत्री जी ने पच्चीस हजार युवाओं को रोजगार दिया था तब भी हमने देसी घी का भंडारा लगाया था। और अच्छी बात है कि आज मुख्यमंत्री नायब सैनी जी आए पर पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जी को भी आना चाहिए था क्योंकि युद्ध की शुरुआत तो उन्हीं के साथ हुई थी।

नवीन जयहिन्द व भगवान परशुराम वंशजो, फरसाधारियों व 36 बिरादरी के योद्धाओ की तरफ से माननीय मुख्यमंत्री जी हरियाणा सरकार नायब सिंह सैनी जी को मांग पत्र

रोहतक (29 मई) / जैसा कि आप सभी जानते है कि शुक्रवार 30 मई को पहरावर गांव में सरकार द्वारा राज्यस्तरीय भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाया जा रहा है जिसमें माननीय मुख्यमंत्री नायब सैनी जी भी पहुंचेंगे। नवीन जयहिन्द ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है लेकिन जब मुख्यमंत्री जी वहां आए तो कुछ घोषणाएं करके जाए। जिससे समाज व 36 बिरादरी के लोगों का भला होगा। जयहिन्द ने भगवान परशुराम वंशजों, फरसाधारियों व 36 बिरादरी के योद्धाओं की तरफ से माननीय मुख्यमंत्री नायब सैनी जी को मांग पत्र लिखा। मांगे इस प्रकार है 1.भगवान परशुराम जी के फरसे को कानूनी मान्यता दी जाए और फरसे के लाइसेंस बनाये जाएं 2.गौड़ संस्था के चुनाव करवाएं जाएं, नई सदस्यता खोली जाए और दूसरे सस्थानो की तरह गौड़ संस्था को भी ग्रांट दी जाए 3.पहरावर की जमीन पर 121 फुट ऊँची भगवान परशुराम जी की मूर्ति की स्थापना की जाए 4.पहरावर गांव में भगवान परशुराम के नाम से ही संस्थान खोले जाएं और पहरावर जमीन को धाम घोषित किया जाए 5.पहरावर गांव की पानी, सीवरेज सम्बंधित व अन्य समस्याओ को दूर किया जाए 6.हरियाणा के किसी एक जिले में भगवान परशुराम म्यूजियम पार्क बने 7.भगवान परशुराम जन्मोत्स्व पर सम्पूर्ण हिन्दुस्तान में राष्ट्रिय अवकाश घोषित हो 8.माननीय केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर जी जो के पूर्व में हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे है उनके द्वारा दिसंबर 2022 में भगवान परशुराम महाकुम्भ करनाल में "पुजारी पुरोहित कल्याण बोर्ड" बनाने की घोषणा की गयी थी उसे दिशा में कार्यवाई में तेजी लाते हुए पुजारी पुरोहित कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए 9.EWS (Economic Weaker Section ) के अंतर्गत आने वाले 36 बिरादरी के युवाओ को CET (Comman Entrance Test ) में भाग लेने के लिए उनको मिनिमम आयु में 05 वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जाए जिसमे गरीब परिवारों के बच्चो को अधिक से अधिक संख्या में CET में बैठने का अवसर मिल सके 10.कॉपरेटिव डिपार्टमेंट द्वारा संचालित महिलाओ के स्वरोजगार सम्बंधित किसी स्कीम का नाम माता रेणुका जी के नाम पर किया जाए 11.हरियाणा के नूह में जो ब्राह्मण आबादी वाला उजीना गांव है उसमे भगवान परशुराम जी का मंदिर या कम्युनिटी सैंटर बनवाया जाए 12.हरियाणा के ब्राह्मणो की मांग पर जिसमे दोहलीदार श्यामलात देह शामलात मालिकाना हक़ व पोर्टल पर फसल बेचने का अधिकार देने के बारे में कार्यवाई की जाए जिससे प्रदेश के लगभग 7000 गरीब ब्राह्मण परिवारों को लाभ मिलेगा 13.भगवान परशुराम जी की जीवनी को हरियाणा के स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए जिससे की छात्र-छात्राओं को अपने धार्मिक इतिहास के बारे में अच्छी जानकारी मिल सके 14.भगवान परशुराम जी के नाम से रामराय गांव जिला जींद में हर वर्ष एक भव्य मेला लगता है क्युकी वहां भगवान परशुराम जी का विशाल मंदिर और तालाब है अतः सरकार से आग्रह है की उसे टूरिज़्म डिपार्टमेंट की मदद से इस क्षेत्र को डेवलप करवाया जाए जिससे इस स्थान को ऐतिहासिक पहचान मिले 15.मोरनी हिल, टिक्कर ताल में जो झील है उसका नाम माता रेणुका के नाम पर "रेणुका झील" के नाम से किया जाए 16.हरियाणा सरकार द्वार चलाई जा रही मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत माता रेणुका धाम सिरमौर हिमाचल प्रदेश को भी जोड़ा जाए आगामी भगवान परशुराम जन्मोत्स्व 19 अप्रैल 2026 को माता रेणुका धाम हिमाचल प्रदेश के लिए भगवान परशुराम तीर्थ माता के नाम से बस सेवा का हरियाणा सरकार द्वारा संचालित हो 17.नारनौल या महेन्द्रगढ़ की एक विशाल पहाड़ी पर भगवान परशुराम जी की विशाल 121 फुट की प्रतिमा लगे 18.हरियाणा के किसी भी जिले में भगवान परशुराम जी के नाम से किसी बड़े पार्क का नामकरण किया जाए

मै पंडित हूं या पाकिस्तानी – नवीन जयहिन्द

रोहतक (28 मई) / बुधवार 28 मई को नवीन जयहिन्द ने बीते रविवार पहरावर में मनाए गए भगवान परशुराम जन्मोत्सव में तन–मन–धन से पहुंचे क्रांतिकारियों, फरसाधारियों व 36 बिरादरी के भाईचारे का आभार जताया साथ ही सभी पत्रकार साथियों का भी धन्यवाद किया। जयहिन्द ने भगवान परशुराम जी की कसम खाकर कहा कि जो भी लोग गाड़ियां लेकर व कैसे भी जन्मोत्सव में पहुंचे थे हमने उनको 1 रुपया भी नहीं दिया था। यहां तक कि एक रात पहले आंधी–तूफान भी आया, षडयंत्र के तहत लोगों को पहरावर आने से रोका गया, विघ्न डालने के लिए पुलिस को भी भेजा गया। लेकिन फिर भी लोग वहां पहुंचे भगवान परशुराम का आशीर्वाद लिया व खीर का प्रसाद ग्रहण किया। और पहरावर की जमीन पर विश्व की सबसे ऊंची 121 फीट की भगवान परशुराम जी की मूर्ति स्थापित करने का फैसला लिया गया। जयहिन्द ने कहा कि इस दौरान मुझे बंदर, कुत्ता, नशेड़ी, शराबी न जाने क्या–क्या बताया गया लेकिन भोलेनाथ के भक्तों, परशुराम के वंशजों व 36 बिरादरी के भाईचारे ने पहरावर पहुंचकर यह सब बोलने वाले की औकात उन्हें दिखा दी। जयहिन्द ने कहा मंत्री जी मुझे जेल में डलवा सकते है, मुझे मरवा सकते है लेकिन मुझे डरा नहीं सकते। 30 मई को पहरावर में सरकार द्वारा राज्यस्तरीय भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाया जा रहा है इसे लेकर जयहिन्द ने यह बात साफ करी के उन्हें जन्मोत्सव का कोई न्योता नहीं मिला है। ये मुझे पंडित नहीं पाकिस्तानी समझते है। और जो लोग यह अफवाह फैला रहे है उस पर मंत्री जी गाय की पूछ पकड़कर यह कह दें कि मैं झूठ बोल रहा हूं। जब पहरावर में पहली बार फरसे लहराकर जन्मोत्सव मनाया गया था उस समय हमने जो अब मंत्री है उस समय सांसद थे उनको व अन्य सभी को बुलाकर पूरा मान–सम्मान दिया था। जयहिन्द ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि मुख्यमंत्री जी पहरावर में आयोजित भगवान परशुराम जन्मोत्सव में आ रहे है, और मै किसी को वहां जाने से नहीं रोक रहा बल्कि मैं चाहता हूं कि सभी वहां पहुंचे। पर मुख्यमंत्री की वहां गौड़ संस्था के चुनाव व डेवलपमेंट के लिए ग्रांट की घोषणा करें साथ ही लोगो की समस्याओं का समाधान करके जाएं। मै उन्हें कबीर कुटिया जाकर खीर खिलाकर आऊंगा। इस पर जयहिन्द ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि अगर यह कार्यक्रम बीजेपी का है तो क्या दादा राम कुमार गौतम का न्योता दिया गया है?, क्या गौरव गौतम, मूलचंद शर्मा, देवेंद्र अत्री, मुकेश शर्मा, कार्तिकेय शर्मा का न्योता दिया गया है? और यह कार्यक्रम सरकारी है तो विपक्ष के लोगों का भी न्योता होना चाहिए था क्योंकि सरकार तो सबकी होती है। और अगर यह कार्यक्रम ब्राह्मणों का है तो क्या कांग्रेस के नेताओं कुलदीप शर्मा, कुलदीप वत्स, या अन्य नेताओं का न्योता दिया गया है। बताया जा रहा है कि सरकारी कार्यक्रम में एक लाख कुर्सियां लगवाई जाएंगी। जयहिन्द ने पत्रकार साथियों से अपील करते हुए कहा कि आप कार्यक्रम में एक लाख कुर्सियां जरूर गिने अगर एक लाख कुर्सियां लगी तो हम एक लाख रुपए ईनाम देंगे। –––बॉक्स–– नवीन जयहिन्द ने रोहतक डीसी को चिट्ठी लिखकर 30 मई को पहरावर में जिस चबूतरे पर त्रिशूल व फरसा स्थापित है उस जगह पर खीर–हलवे के प्रसाद का भंडारा लगाने की परमिशन मांगी। जयहिन्द ने कहा कि जो 30 मई को पहरावर में सरकार द्वारा राज्यस्तरीय भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाया जा रहा है, न तो सरकार व प्रशासन ने वहां भंडारे की सूचना दी है और न ही मंत्री जी ने अपने किसी भी भाषण में वहां भंडारे का जिक्र किया है। हमें मिली जानकारी के अनुसार जन्मोत्सव में भंडारे का कोई प्रबंध नहीं है(हलवाई और कढ़ाई नहीं चढ़ी हुई) बल्कि पैकेट बांटे जाएंगे जिसमें एक समोसा दो लड्डू होंगे। तो धार्मिक आयोजन में पैकेट नहीं प्रसाद बांटा जाता है, पैकेट तो रैलियों में बांटा जाता है। इसलिए या तो सरकार, प्रशासन व मंत्री जी वहां भंडारे की व्यवस्था करें या हमें वहां भंडारा लगाने की अनुमति दें डीसी साहब। –––बॉक्स––– जयहिन्द ने कहा कि जो भी विधायक या संसद पहरावर जन्मोत्सव में पहुंचेगा वह सिर्फ भाषण नहीं बल्कि एक–एक करोड़ रुपए संस्था में दान देकर जाएं। क्योंकि सरकार जो दूसरी संस्थाओं के लिए करती है वह गौड़ संस्था के लिए भी करे। जो भी समाज के नेता व धर्मशालाओं के प्रधान बने घूम रहे है वे भी ग्यारह–ग्यारह लाख रुपए दान देकर जाएं। तब जाकर स्टेज पर बैठें। गौड़ ब्राह्मण संस्था पूरे उत्तर भारत की सबसे बड़ी ब्राह्मण संस्था है जिसमें 36 बिरादरी के बच्चे व भाई पढ़ते है। मुख्यमंत्री से लेकर हर आदमी का यह फर्ज बनता है कि संस्था में सहयोग करें। –––बॉक्स––– जयहिन्द ने कहा कि गोहाना में स्थित भगवान परशुराम आश्रम की दीवार गिरे दस से पंद्रह दिन हो चुके है, गोहाना के लोग मुझे फोन कर रहे है क्या वहां के मंत्री, विधायक, सांसद व चेयरमैन की जिम्मेदारी नहीं है कि उस दीवार को बनवाया जाए। अगर मैं वहां जाऊंगा तो लोग सौ तरह के सवाल खड़े करेंगे। जयहिन्द ने गोहाना के मंत्री, विधायक, सांसद व चेयरमैन को सलाह देते हुए कहा कि आपके पास मौका है इसे देख करवा दीजिए वरना मुझे वहां आना पड़ेगा।

भगवान परशुराम जन्मोत्सव में मुझे खीर–हलवे का भंडारा लगाने की परमिशन दें डीसी साहब – जयहिन्द

रोहतक (27 मई) / नवीन जयहिन्द ने रोहतक डीसी को चिट्ठी लिखकर 30 मई को पहरावर में जिस चबूतरे पर त्रिशूल व फरसा स्थापित है उस जगह पर खीर–हलवे के प्रसाद का भंडारा लगाने की परमिशन मांगी। जयहिन्द ने कहा कि जो 30 मई को पहरावर में सरकार द्वारा राज्यस्तरीय भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाया जा रहा है, न तो सरकार व प्रशासन ने वहां भंडारे की सूचना दी है और न ही मंत्री जी ने अपने किसी भी भाषण में वहां भंडारे का जिक्र किया है। हमें मिली जानकारी के अनुसार जन्मोत्सव में भंडारे का कोई प्रबंध नहीं है(हलवाई और कढ़ाई नहीं चढ़ी हुई) बल्कि पैकेट बांटे जाएंगे जिसमें एक समोसा दो लड्डू होंगे। तो धार्मिक आयोजन में पैकेट नहीं प्रसाद बांटा जाता है, पैकेट तो रैलियों में बांटा जाता है। इसलिए पहरावर की जमीन पर जहां चबूतरे पर फरसा व त्रिशूल स्थापित है हम 30 मई को उस जगह पर प्रसाद के रूप में खीर–हलवे, साग–पूरी का भंडारा लगाना चाहते है। वहां मेरे समाज के मेरे भाई, बड़े–बुजुर्ग व 36 बिरादरी के समाज के लोग आयेंगे और भगवान भोलेनाथ व भगवान परशुराम के आशीर्वाद से मैं उनको प्रसाद के रूप में खीर–हलवा, साग–पूरी वितरित करना चाहता हूं, ताकि वे प्रसाद के साथ–साथ भगवान भोलेनाथ व परशुराम जी का आशीर्वाद भी लेकर जाएं। अगर पहरावर में आयोजित जन्मोत्सव में आए लोगों को भंडारे का प्रसाद नहीं मिलेगा तो भगवान परशुराम व लोग हमसे रुष्ठ हो जाएंगे, जो कि हम नहीं चाहते। भले ही यह कार्यकम सरकार का है लेकिन इसमें हम भंडारा लगाना चाहते है। इसलिए डीसी साहब से निवेदन है कि वे 24 घंटों के अंदर हमें भंडारा लगाने की अनुमति दें ताकि हम समय पर भंडारे का प्रबंध कर सके। और अगर आप मुझे वहां जाने की अनुमति नहीं देते है तो कम से कम वहां हलवाईयों को भंडारा लगाने की अनुमति दी जाए। क्योंकि भंडारे में खीर–हलवे का प्रसाद ब्रह्मभोज होता है जिसके बिना भगवान परशुराम जन्मोत्सव या अन्य धार्मिक आयोजन पूरा नहीं होता। भोलेनाथ के भक्तों, परशुराम के वंशजों व 36 बिरादरी के भाइयों के लिए अगर सरकार, मंत्री व प्रशासन वहां भंडारे की व्यवस्था नहीं करते है तो हमें तुरंत प्रभाव से भंडारा लगाने की अनुमति दी जाए।

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