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Press Note

बेशर्म सरकार , बेशर्म सिस्टम के पीपीपी ने परेशान किया आम जनता को - जयहिंद

आज नवीन जयहिंद सफीदों के खेड़ा खेमावती गाँव में एक दिव्यांग के निवेदन पर पहुंचें | खेड़ा खेमावती गाँव के निवासी विक्रम सिंह जब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट कर थक गये तो उन्होंने अपनी शिकायत नवीन जयहिंद तक पहुंचाई | सुचना मिलते हुए नवीन जयहिंद तुरंत दिव्यांग विक्रम से मिलने के लिए निकल पड़े | नवीन जयहिंद ने इस मौके पर कहा कि सरकार और प्रशासन आम जनता को परेशान करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है | विक्रम सिंह जो 100 % दिव्यांग है, कुछ नहीं कर सकते लेकिन परिवार पहचान पात्र में आय 10 लाख से भी अधिक दिखाई हुई है | दिव्यांग विक्रम का बीपीएल राशनकार्ड भी काट दिया गया | विक्रम ने नवीन जयहिंद को बताया कि वे सीएम विंडो , ग्रीवेंस सेल, एडीसी ऑफिस में भी इस पर अपनी शिकायत दर्ज कर चुके है | लेकिन कहि भी उनकी सुनवाई नहीं हुई | एक दिव्यांग को चलने में असमर्थ है उनके बार -बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर कटवाए जा रहे है | जयहिंद ने सरकारी तंत्र की कार्यवाही पर सवाल खड़े कहा कि परिवार पहचान पत्र में विक्रम सिंह की दो बेटियां 8 साल और 5 साल की है उनकी आय भी पांच -पांच लाख रूपये आमदनी दिखाई हुई है |वही विक्रम सिंह के 12 वर्षीय बेटे की आमदनी भी पांच लाख तक दिखाई हुई है | तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस स्तर पर सरकार परिवार पहचान पत्र के सत्यापन के लिए काम कर रहा है | जयहिंद ने कहा कि सरकार को बुजुर्गों, विधवाओं व दिव्यांगों की समस्या नहीं दिख रही। जो परिवार पहचान पत्र में गड़बड़ी की भेंट चढ़े हुए हैं। मुख्यमंत्री को जनसंवाद कर रहे है उसमे जनता के समस्याओं को सुने और समाधान करें न कि सरकार की खोखली स्कीमों का बखान न करें | नवीन जयहिन्द ने सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठा दिया और सरकार की नीतियों पर जमकर भड़ास निकाली और सरकार द्वारा लागू किए गए परिवार पहचान पत्र या फैमिली आईडी पर सवाल उठा दिए क्योकि सरकार द्वारा लागू किया गया परिवार पहचान पत्र के कारण प्रदेश की जनता को परेशान किया जा रहा हैं इस मौके पर कुछ और महिलाएं भी अपनी राशनकार्ड कटने और पीपीपी की समस्याओं को नवीन जयहिंद से मिलने पहुंची | एक लड़की जिसके माता -पिता भी मर चुके है उसका भी सरकार ने राशनकार्ड काट दिया | जयहिंद ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि सरकार और विभाग आँख मूंद कर काम न करें , जमीनी स्तर पर जाकर असलियत देंखे और फिर विभागीय कार्य करें | गरीबों और मजबूर जनता का मजाक न बनाये | इसी में बॉक्स - कमजोर और गरीब की आवाज उठाओ , सिस्टम से लड़ाई लड़ो तभी मनेगा शहीद भगत सिंह का जन्मदिन - जयहिंद नवीन जयहिंद ने इस मौके पर शहीद भगत सिंह को याद करते हुए प्रदेश के युवाओं को उनके जन्मदिवस की बधाई दी और कहा कि ये देश का सौभाग्य है कि ऐसे क्रांतिकारी वीर भारत में पैदा हुए है | आज हम शहीद भगत के "भ" बराबर भी बन जाए तो बहुत है | उनकी विचारधारा भ्रष्ट सिस्टम से लड़ने के लिए प्रेरित करती है | आज युवाओं को उनके दिखाए रास्ते पर चलने की कोशिश करनी चाहिए | कमजोर गरीब की आवाज उठानी चाहिए | सिस्टम से और सरकार की गलत नीतियों के लिए लड़ना चाहिए और आवाज बुलुंद करनी चाहिए | शहीद भगत सिंह भी यही कह कर गये है | गौरे अंग्रेज तो चले जायेंगे लेकिन काले अग्रेजों से काले सिस्टम से हमें लड़ना होगा | हम शहीद भगत सिंह को मानने वाले है और भगत सिंह ने कहा था कि दूसरों के लिए संघर्ष करो | आज दूसरों और समाज की आवाज उठाने पर उन पर एक दर्जन केस दर्ज हो चुके है | लेकिन वे पीछे हटने वाले नहीं है | चाहे सरकार कितने ही केस दर्ज कर दे | इसी बॉक्स में 41 दिन से संकल्प पर बैठे अशोक कुमार से पानीपत मिलने पहुंचे नवीन जयहिंद 41 दिन से संकल्प पर बैठे अशोक कुमार से पानीपत मिलने पहुंचे और बाला जी महाराज का प्रसाद ग्रहण किया

कपिल पुरी डेरे में गणेश विसर्जन उत्सव में पहुंचे नवीन जयहिंद

नवीन जयहिंद वीरवर को अनन्त चतुर्दशी के शुभ अवसर पर रोहतक स्तिथ कपिल पुरी डेरे में पहुंचे और भक्त जनों से मुलाकात की | इस मौके पर नवीन जयहिंद ने सभी भक्तों के साथ मिलकर भगवान गणेश का जल में विसर्जन किया और अगले सार फिर से ढेर सारी खुशियों के साथ आने की कामना की | जयहिंद ने कहा कि यह बड़े सौभाग्य की बात है इस अवसर पर उन्हें शिरकत करने का मौका मिला | वे भगवान गणेश से पूरे प्रदेश की खुशहाली और शान्ति की कामना करते है | साथ ही गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ... की विनती के साथ बप्पा को विदाई दी गई |

देश के कितने बड़े नेताओ व बड़े बिज़नसमैनों के बेटों का बॉर्डर पर बलिदान हुआ- जयहिंद

रोज़ की रार नही एकबार में हो पाकिस्तान से आरपार- जयहिन्द नवीन जयहिंद शुक्रवार को शहीद आशीष के राजकीय सम्मान के साथ हुए अंतिम संस्कार में नम आँखों के साथ शामिल हुए और वीर शहीद को भारी मन के साथ श्रधांजलि अर्पित की | आपको बता दे कि दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों और जवानों के बीच मुठभेड़ में बलिदान होने वाले पानीपत के लाल और वीर सपूत मेजर आशीष धौंचक पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। उनको आखिरी विदाई देने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे। आज हर किसी की आंखे गमगीन हैं। शहीद आशीष के पार्थिव शरीर को पुरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए गांव बिंझौल पहुंचाया गया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को पैदल अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाएगा। उनके पार्थिव शरीर को ले जाते समय पानीपत में स्कूली छात्रों और स्थानीय लोगों ने 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। जयहिंद ने इस मौके पर कहा कि वे परिवार के हर दुख-सुख में साथ हैं । लेकिन आखिर कब तक हमारे देश के जवान शहीद होते रहेंगे, बलिदान देते रहेंगे | कभी नेताओं - बिजनेसमैन के बच्चे फ़ौज में क्यों नहीं जाते, कभी उनके बच्चे शहीद हो तो उन्हें पता चले एक परिवार का दुःख , एक माँ का अपने बेटों को खोने का दुःख | नेताओ , मन्त्रियों को कुल्लू -मनाली की जगह एक -एक महीना बोर्डर पर जाना चाहिए | नेताओ , MP , MLA को भी अपने बच्चों को फ़ौज में भर्ती करना चाहिए | शहीद किसी जाति - बिरादरी क्षेत्र का नहीं होता है । वही नवीन जयहिंद ने इस मौके पर कहा कि शहीदों की तेरहवी से पहले उनके परिजनों के तक सरकार की सुविधाए पहुंच जानी चाहिए, क्योंकि जवानों का देश की रक्षा में अहम योगदान है और एक शहीद जवान अपने पीछे अपने घर-परिवार को छोड़कर देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर देता है। वीर जवानों के बदौलत ही देश की जनता चैन की नींद सो पाती है । जयहिंद ने कहा कि हमारे देश के जवानों की बदौलत ही देश की जनता चैन से सोती हैं देश के जवानों का देश की रक्षा में अहम योगदान हैं जयहिंद ने कहा की जवान, किसान और विज्ञान किसी भी देश की रीढ़ होते हैं जिनके कंधों पर ही देश का भार टिका होता हैं जिस तरह किसान देश का पेट भरता हैं उसी तरह देश का जवान पहरी बनकर देश की सीमाओं पर देश की रक्षा करता हैं साथ ही जयहिंद ने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से अपील की कि शहीद का परिवार राष्ट्र परिवार होता है। शहीद देश के लिए अपनी जान देकर अपने पीछे अपने परिवार को छोड़ कर जाता है। तो सरकारें जिस तरह से क्रिकेटरों पर पैसे लुटाती है और उन्हें करोड़ों रुपए का इनाम देती है उसी तरह जवानों को और उनके आश्रितों को भी सम्मानित किया जाना चाहिए। शहीद के परिवार को "राष्ट्र परिवार" बनाये और उन्हें आर्थिक मदद दी जाए |

सरकार के पास खिलाड़ियों के रोटी -रहने के लिए नहीं है पैसे तो उठा ले कटोरा - जयहिंद

खिलाड़ियों का कल तक नहीं हुआ समाधान तो कटोरा लेके बैठूँगा - जयहिंद नवीन जयहिंद शुक्रवार को रोहतक में साईं (SAI) , खेलो इंडिया, बॉक्सिंग फेडरेशन सहित सरकार और प्रशासन पर जमकर बरसे । वजह थी रोहतक के राजीव गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चल रहे खेल । देर रात सड़क पर सो रहे 25 से भी ज्यादा खिलाडियों को नवीन जयहिंद और उनके साथी अपने बाग में लेकर आए और उनके खाने -रहने की व्यवस्था की। ये खिलाड़ी देश के अलग -अलग राज्यों से आए हुए है। राजीव गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चल रहे खेलों में हिस्सा लेने के लिए ये खिलाड़ी आए हुए है। लेकिन प्रशासन और सरकार द्वारा इन खिलाडियों के लिए न तो पीने के पानी की व्यवस्था की , न खाने और न रहने का इंतजाम है। जयहिंद ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जब सरकार और प्रशासन आने वाले बच्चों को कोई सुविधा ही मुहैया नहीं करा सकते तो खेल कराने के ढोंग किस लिए कर रहे है । खिलाड़ियों के पास इतने पैसे नहीं होते कि वह अपने रुकने खाने पीने की व्यवस्था खुद कर सके यह प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि आने वाले खिलाड़ियों के लिए पीने के पानी खान और रहने की व्यवस्था की जाए। मैंने कहा कि खिलाड़ियों ने उन्हें बताया कि उनकी पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई और शाम होते ही उन्हें स्टेडियम के अंदर घुसने तक नहीं दिया गया। ऐसे में इतनी दूर दराज से आए हुए बच्चे कहां जाएंगे अगर इन बच्चों के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा । स्पॉन्सर्ड के नाम पर बड़े-बड़े बैनर लगाए गए लेकिन खिलाड़ियों को सुविधाएं तक नहीं दी गई । इन खिलाड़ियों से कोई यह तक पूछने वाला नहीं था कि यह कहां रुकेंगे और कैसे रुकेंगे। जिनमे कुछ महिलाएं खिलाड़ी भी हैं। नवीन जयहिंद ने कहा कि इतने बड़े -बड़े ऑर्गेनाइजेशन के बैनर लगे हुए थे क्या किसी भी संस्था के पास इतने पैसे नहीं है कि इन खिलाड़ियों के रुकने की व्यवस्था कर दे। यह प्रदेश की लिए बड़ी शर्म की बात है कि दूसरे राज्यों आए खिलाड़ी और कोच क्या सोचेंगे की यह की सरकार के इतनी भी सुविधा नहीं हैं कि वे उन्हें दो टाइम का खाना और रहना दे सके। अगर यही खिलाड़ी मैडल लेकर आए तो सभी नेता -मंत्री फूल मालाओं के साथ सबसे आगे मिलेंगे। नवीन जयहिंद ने केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और मुख्यमंत्री को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये शर्म की बात है कि जहां अमृत महोत्सव के नाम पर करोड़ों रुपए बर्बाद कर दिए जाते है वही खिलाड़ियों के लिए पीने का पानी तक नहीं है । अगर सरकार के पास खिलाड़ियों के लिए रोटी और रहने के लिए जगह नहीं है तो कटोरा उठा ले। वही नवीन जयहिंद ने सरकार और प्रशासन को अल्टिमेटम देते हुए कहा कि अगर खिलाड़ियों के लिए रुकने और खाने की व्यवस्था नही की गई तो वे कल स्टेडियम के सामने तसला लेकर बैठेंगे और सरकार के भ्रष्टाचार की पोल - पट्टी खोलेंगे। इसी में बॉक्स -- वही नवीन जयहिंद ने खिलाड़ियों के पीने -खाने और रहने की समस्या को लेकर रोहतक डीसी से बात की। डीसी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही 12 राज्यों के खिलाड़ियों के खाने और रहने की व्यवस्था कर दी जाएगी ताकि किसी भी खिलाड़ी को इधर -उधर न भटकना पड़े ।

गधा भी 8 घंटे ड्यूटी करता है पुलिस वाला 24 घंटे- जयहिंद

गृह मंत्री एक बार हरियाणा पुलिस के कर्मचारियों का भी लगाये दरबार - जयहिंद हरियाणा में पुलिस कर्मचारी अपनी मांगो को लेकर आज भिवानी में लामबंद हुए हैं जिसके लिए पिछले दिनों हरियाणा पुलिस ने सोशल मिडिया और ट्विटर अभियान के तहत अपनी मांगो को सरकार तक पहुंचाने के लिए कैंपेन चलाया था । वही नवीन जयहिंद भी काफी समय से हरियाणा पुलिस की मांगो को उठाते रहे हैं। इसी कड़ी में वीरवार को नवीन जयहिंद हरियाणा पुलिस के कर्मचारियों के समर्थन में भिवानी लघु सचिवालय भी पहुंचे | जयहिंद ने बताया कि हरियाणा पुलिस के कर्मचारी अपनी मांगो के लिए उनके पास बार-बार फोन करके अपनी समस्याओं से अवगत कराते है। हरियाणा पुलिस के कर्मचारी डीजीपी साहब के अपने परिवार के सदस्य हैं और उन्हें अपने परिवार की समस्याओं का तुरंत समाधान करना चाहिए ताकि हरियाणा पुलिस के कर्मचारी अच्छी तरह अपनी ड्यूटी और कर्तव्य का पालन कर सके । जयहिंद ने हरियाणा पुलिस की मांगो और उनकी समस्याओं की ओर ध्यान दिलाते हुए बताया की हरियाणा पुलिस विभाग में हजारों की संख्या में पद खाली पड़े हैं। एक पुलिस कर्मचारी को दो-दो पुलिस कर्मचारियों का काम करना पड़ रहा हैं जिसके कारण उन्हें मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। जयहिंद ने हरियाणा पुलिस के कर्मचारियों की ड्यूटी 8- 8 घंटे की करने बारे कहते हुए बताया की हरियाणा पुलिस का भी अपना घर परिवार हैं और हरियाणा पुलिस कर्मचारी भी इंसान हैं जबकि उनसे 24 घंटे ड्यूटी लेकर उनके मानवधिकारो का हनन किया जा रहा हैं और सुविधाओं के नाम पर सिर्फ एक चौकी होती है | जिसमे न तो पीने के पानी की व्यवस्था और न ही टॉयलेट की व्यवस्था सरकार देती है | अगर एक कर्मचारी को विभाग या सरकार के काम की वजह से कहि जाना पड़ा जाए तो वो अपनी जेब से पैसे खर्च करके जाते है | जयहिंद ने कहा कि हरियाणा पुलिस के कर्मचारी भी बीमार होते हैं क्योंकि उन्हें ड्यूटी पर कई तरह की स्मायाओं से गुजरना पड़ता है जिसकी वजह से उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है । सरकार को चाहिए कि उन्हें मेडिकल कैशलेस सुविधा मिले और सभी प्रकार के पैनल और इंपैनलड हॉस्पिटल में फ्री इलाज मिले। जब सरकार के कर्मचारी ही स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में है तो जनता को क्या ही सुविधा मिलेगी | जयहिंद ने कहा कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सीनियर लिखित में आदेश दे ताकि विभाग में भ्रष्टाचार खत्म हो सके औरजूनियर अधिकारियों पर सीनियर अधिकारियों का दबाव कम से कम हो ताकि जनता की सेवा करने में कोई अवरोध उत्पन्न ना हो। पुलिस कर्मचारियों को उपर से चालान काटने तक टारगेट आते है | ऐसे में जनता और पुलिस कर्मी दोनों ही आला अधिकारियों के भ्रष्टाचार के शिकार बनाते है | पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ के बराबर वेतन मान दिया जाए - जयहिंद ने हरियाणा पुलिस की इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि प्रदेश में 1 लाख 20 हजार कर्मचारियों का काम 60 हजार पुलिस वाले कर रहे है और दुगुनी मेहनत के साथ कर रहे है तो उन्हें सैलरी भी उसी हिसाब से मिले | अगर किसी के घर में सांप भी निकल आता है तो लोग सबसे पहले 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाते है | ऐसे में जन सेवा के लिएय हमेशा तत्पर रहने वाले पुलिस को उनका मेहनताना मिलना जरूरी है | शहीद कर्मचारी के परिवार को मिले एक करोड़ की आर्थिक सहायता एक पुलिसवाला जब ड्यूटी पर जाता है तो वो खरतनाक अपराधियों से भी भिड़ता है, गैंगवार का भी सामना करना है | ऐसे उसके पीछे उसके माँ -बाप , पत्नी-बच्चे, भाई-बहन होते जो उसके सहारे पे होते है | ऐसे सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि उसके परिवार को पूर्ण आर्थिक सहायता मिले जिसकी वजह भविष्य उन्हें किसी का मोहताज न होता पड़े | रिटायर पुलिस कर्मियों के पेंशन में बढ़ोतरी एक पुलिस कर्मी अपने जीवन का अधिकतर हिस्सा समाज और सरकार की सेवा में निकाल देता है | जब उसकी सेवा का वक्त आता है तो सरकार पीछा छुड़ा लेती है | इस बढती महंगाई के दौर में सरकार न सिर्फ उनकी पेंशन बढानी चाहिय बल्कि उनका सम्मान भी करते रहना चाहिए | वर्दी भत्ता दस हजार रूपये मिले - जयहिंद ने कहा कि अगर आज आम इंसान भी कपड़े सिलवाने जाता है तो 30 से 40 हजार रूपये खर्च कर देता है | वही पुलिस वाले जो बारिश , गर्मी और कडकती सर्दी में सड़कों पे खड़े होते है उनके लिए दो हजार रूपये इस महंगाई के दौर में कहाँ का न्याय है | कम से कम वर्दी भत्ते के तौर पर 10 हजार रूपये जरुर मिलने चाहिए जयहिंद ने होमगार्ड और एसपीओ की सैलरी का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि डीजीपी साहब होमगार्ड और SPO पिछले कई महीनों से अपनी तनख्वाह को लेकर सरकार और विभाग दोनो को लिख कर है और प्रदर्शन भी कर चुके । जब कानूनी व्यवस्था संभालने वाली ही सड़कों पर है तो फिर प्रदेश की जनता कैसे सुरक्षित रह सकती है। जयहिंद ने जेल वार्डन की तनख्वाह का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जेल मंत्री रणजीतसिंह चौटाला अपने ही विभाग के जेल वार्डनों को समस्याओं से अवगत नहीं है | एक जेल वार्डन पूरा दिन जेल बिना अपराध के सजा काट रहा होता है | उसकों न तो उचित वेतनमान मिलता है , न महंगाई भत्ता , न ड्यूटी से छुट्टी और न ही अन्य सुविधा मिलती है | जेलों में पीने के पानी और टॉयलेट की उचित व्यवस्था तक नही है| जयहिंद ने कहा कि मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और डीजीपी की जिम्मेदारी बनती है कि जिनकी वहज से पुरे प्रदेश में कानून व्यवस्था और शांति बनी हुई है उनका उचित ख्याल रखा जाए और वे सुविधाएँ मिले जिसके वे हकदार है | भर्तियाँ की जाए ताकि एक पुलिस कर्मी को दोहरी ड्यूटी न करनी पड़े | जयहिंद ने प्रदेश के डीजीपी से अपील करते हुए कहा कि पुलिस उनका परिवार है और परिवार के सदस्यों का ख्याल रखना मुखिया की जिम्मेदारी होती है। अब जब वे हरियाणा पुलिस विभाग की कमान संभाल चुके है तो वे जल्द से जल्द हरियाणा पुलिस, होमगार्ड और एसपीओ विभाग के सभी कर्मचारियों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करेंगे। इसी में बॉक्स - रोहनात गावं को मिले हक और दोषियों को सजा - जयहिंद नवीन जयहिंद शहीद गावं रोहनात में भी पहुंचे और सिस्टम के भ्रष्टाचार से परेशान हो कर आत्महत्या करने वाले वेदप्रकाश के परिवार से भी मिले और सांत्वना प्रकट की | उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले जल्द से जल्द कोई फैसला लेना चाहिए और गावं को उनका हक़ देना चाहिए | जिस तरह पिछले 22 सालों से सरकारें सिर्फ वोट बैंक की राजनीति कर गावं की भावनाओं के साथ खेल रही है उसका भुगतान सरकार को करना होगा | एक इंसान आत्महत्या करने से पहले किस मानसिक प्रताड़ना से गुजर रहा होगा उसका अंदाजा वेदप्रकाश के खून से लिखे सुसाइड नोट से हो सकता है |

हिम्मत है तो मुख्यमंत्री रोहनात गांव में जनसंवाद करें - जयहिंद

काले अंग्रेजों न सिस्टम ने की है हत्या -जयहिंद आज नवीन जयहिंद भिवानी लघु सचिवालय पहुंचे। जहां पिछले 22 साल से रोहनात गांव की जमीन के लिए संघर्ष कर रहे वेदप्रकाश ने धरना स्थल पर आत्महत्या कर ली । वेदप्रकाश ने मरने से पहले अपने खून से 13 पेज का सुसाइड नोट में अपनी दर्द भरी कहानी लिखी जिसमे उन्होंने प्रशासन और अधिकारियो को जिम्मेदार ठहराया है । वही पिछले साल भी शहीद गांव रोहनात में धरने पर हुई बुजुर्ग की मौत हुई थी । इस मामले को लेकर ग्रामवासियों ने एक महापंचायत भी की थी जिसमे नवीन जयहिन्द व प्रदेशभर से विभिन्न समाज के लोगो ने हिस्सा लिया। ग्रामीण राजस्व विभाग के रिकार्ड में सुल्तानपुर, उमरा ठोला, ढंढेरी का नाम हटवाने और इस जमीन को शहीद गांव रोहनात के नाम पर करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि आजादी के बाद से वह गांव के नाम जमीन करने के लिए लगे हुए लेकिन सरकार उनकी नहीं सुन रही।इस घटना के बाद पूरा गांव में गमगिन माहौल बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने भी 2018 में गांव में रैली करके उनको जमीन नाम करवाने का आश्वासन दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद अभी तक उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जयहिंद ने कहा कि प्रदेश और देश दोनों ही सरकारों के लिए बड़े शर्म की बात है जहां एक तरफ आजादी अमृत महोत्सव के नाम स्वांग रचे जा रहे है वही एक गांव अपने हक और आजादी की लडाई 21 वीं सदी में भी लड़ रहा है। दो लोगों जान तक चली गई है । मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो वे अपना जन संवाद शहीद गांव रोहनात में करें। जयहिंद ने कहा कि सबसे पहले तो गांव की मांग को पूरा किया और इस पूरे मामले में शामिल दोषी अधिकारियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले । ---बॉक्स--- 1857 में दिया था बलिदान गांव रोहनात के ग्रामीणों ने 1857 की क्रांति में रूपा खाती, बिरड दास बैरागी और नौन्दा जाट ने अपने साथियों के साथ अपने प्राणों की आहुति दी थी। उसके बाद अंग्रेजों ने गांव के लोगों पर हांसी की लाल सड़क पर लिटाकर उनको मौत के घाट उतार दिया था। अंग्रेजों ने उनकी जमीन नीलाम कर दी थी। आजादी के बाद वह कई गांव पट्टियों के नाम चढ़ गई थी लेकिन गांव के नाम नहीं हुई थी। बॉक्स : आजाद भारत में हरियाणा का शहीद गांव रोहनात आज भी गुलाम -जयहिंद रोहनात गांव में धरने पर पहुचे नवीन जयहिन्द ने मुख्यमंत्री खट्टर को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री खट्टर अपने गांव वालों के सामने किए हुए वादे को पूरे करे । सरकार परिवार को मुआवजा दे और उनके परिवार में किसी सदस्य को सरकारी नोकरी दे और साथ ही कहा कि इन गांव वालों ने 1857 की क्रांति में अपना अहम बलिदान किया था और गांव से काफी लोगो ने अपनी शहादत दी थी और साथ ही कहा कि सरकार इस गांव को शहीद गांव का दर्जा दे और वे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराए जो एक शहीद गांव को मिलनी चाहिए ।

आशा वर्कर से जनसंवाद कर चाँद पर भेजे cm - जयहिंद

आशा वर्कर्स 20 हजार नहीं 20 लाख के बराबर - जयहिंद मंगलवार को नवीन जयहिंद रोहतक नया बस स्टैंड के सामने हुड्डा पार्क में धरना दे रही आशा वर्कर्स के बीच पहुंचे जो पिछले 35 दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। आशा वर्कर हर जिलें में धरना प्रदर्शन कर रही है । सरकार ने 2018 के बाद न तो कोई भत्ता दिया और न ही इनकी तनख्वाह में की बढ़ोतरी हुई है। सरकार खुद 7 हजार रुपए की घोषणा कर चुकी है लेकिन अब तक सिर्फ 4 हजार रुपए ही मिले है। हमारी माताएं बहनें सड़कों पर है जो सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। जयहिन्द इस मौक़े पर सरकार पर जमकर बरसे और कहा कि इस गूंगी - बहरी सरकार को इस तरह से नारेबाजी करने से नहीं मानने वाले हैं सरकार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में लगभग 20,000 आशा वर्कर है अगर सभी एक - एक भी सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ अपने मांगों को लेकर वीडियो बनाएं और सब जगह शेयर करें तो सरकार अगले दिन ही सब कुछ लागू कर देगी। अपने रिश्तेदारों- जानकारो में इन विडियोज शेयर करें और आगामी चुनाव में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले। पार्टियों सिर्फ वोट बैंक की भाषा समझती है। आशा वर्कर्स को अपने हक की आवाज उठाने के लिए खुद मैदान में उतरना होगा। आशा वर्कर्स आगे 20 लोगों के साथ सोशल मीडिया पर अपनी वीडियो शेयर करें, इस तरह से वे चार लाख लोगों के बीच सीधे तौर पर अपनी बातें पहुंचा सकती हैं और सरकार के खिलाफ विरोध कर सकती हैं। नवीन जयहिंद ने कहा कि आशा वर्कर्स वही मांग लागू करने की कह रही है जो सरकार खुद घोषणा कर चुकी है। मुख्यमंत्री और स्वस्थ्यमंत्री अपनी कुम्भकरण की नींद से जागे नहीं तो आशा वर्कर्स सरकार का काल बनेगी । वर्कर्स को सरकार न तो कर्मचारी मान रही है और न ही उन्हें डीसी रेट के आधार पर तनख्वाह दे रही है । कोरोनाकाल में भी आशा वर्कर और आंगनवाड़ी वर्कर्स ने बढ़ - चढ़ के हिस्सा लिया था और जनता की सेवा की थी। वे स्वास्थ्य - सेवाओं की रीढ़ है। अगर ये हड़ताल पर है तो स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही है। सरकार आशा वर्कर्स का सीधे तौर पर शोषण कर रही है। जिस हिसाब से सरकार आशा वर्कर्स से काम ले रही है इनकी सैलरी 26 हजार नहीं 36 हजार होनी चाहिए। वे वर्कर्स के साथ तन मन धन से उनके संघर्ष में खड़े हैं और इनके साथ लठ खाने को तैयार है। आशा वर्कर्स ने जयहिंद की पाठशाला में सीखा कि कैसे वे सोशल मीडिया के जमाने में इस का इस्तेमाल कर जमीनी स्तर की लडाई और उनके साथ हो रहे शोषण को ज्यादा लोगों तक पहुंचा सकती है। नवीन जयहिंद और उनके साथियों ने धरने पर बैठी आशा वर्कर्स की आर्थिक मदद करते हुए₹7000 की राशि संगठन को भेंट की।

नवीन जयहिंद आज शहीद भगत सिंह युवा सोसायटी रोहतक द्वारा आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में पहुंचे।

रक्तदाता देवदूत से कम नहीं - जयहिंद इस मौके पर शहीद भगत सिंह युवा सोसायटी सदस्यों ने उनका स्वागत किया और कैंप में पहुंचने पर उनका धन्यवाद किया। नवीन जयहिंद ने जितेंद्र अत्री सहित सोसायटी के सभी सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे और उनकी टीम धर्म का काम कर रहे है। ये उनका तीसरा ब्लड कैंप है। एक व्यक्ति रक्त दान करके 3 से चार लोगों की जान बचा सकता है । आज अस्पतालों में रक्त की कमी रहती है इसकी वजह से हर साल हजारों लोगों की जान चली जाती है । आज कल चल रही डेंगू चिकनगुनिया व मलेरिया जैसी बीमारियों की वजह कमी और भी बढ़ जाती है । ऐसे में रक्त दान करने वाला देवदूत से कम नहीं होता है। इस मौके पर जयहिंद ने रक्तदान करने वालों को सम्मानित किया और कहा कि जितेंद्र अत्री जी ने अपने स्वर्गीय भाई बिजेंद्र अत्री की याद में ये कैंप लगाना उससे बड़ी कोई श्रद्धांजलि नहीं है । हर युवा जो ब्लड डोनेट कर सकता है उसे आगे आना चाहिए और अपने जीवन में कम से कम एक बार ब्लड जरूर डोनेट करना चाहिए।

शुक्र है मुख्यमंत्री ने चंद्रयान से पकिस्तान नहीं भेजा -नवीन जयहिंद

मुख्यमंत्री से करें सवाल इनाम में पाए चंद्रयान की टिकट -जयहिंद नवीन जयहिंद शनिवार को हिसार के भोटाल जाटान गांव में उस महिला को सम्मानित करने पहुंचे जिसने जनसंवाद के दौरान मुख्यमंत्री से रोजगार पर सवाल किया था। नवीन जयहिंद ने कहा कि सख्त सिक्योरिटी के बीच में मुख्यमंत्री से असली मुद्दे पर सवाल करना बहादुरी का काम है । इस बहादुरी की आज सभी प्रदेशवासियों को जरूरत है जो अपने जनप्रतिनिधि से सवाल कर सके। वहीं नवीन जयहिंद ने तंज कसते हुए कहा कि शुक्र है मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान भेजने के लिए नहीं बोला सिर्फ चंद्रयान से चांद पर ही भेज रहे है। साथ ही जनता से अपील की कि अब जिसको भी चांद पर जाना है वो मुख्यमंत्री से सवाल करें और इनाम में चंद्रयान की टिकट पाएं। हिसार की सुमन देवी से मिलने खुद नवीन जयहिंद पहुंचे और उन्हें 5100 रुपए से सम्मानित भी किया । जयहिंद ने कहा कि महिला ने उन्हें बताया है कि विधायक उनसे माफी मांगने आए है लेकिन विधायक नहीं खुद मुख्यमंत्री माफी मांगे।

रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं - जयहिंद

पहरावर में दादी सति धाम के भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे जयहिंद नवीन जयहिंद शनिवार को दादी सति वार्षिक मेले के अवसर पर गांव पहरावर (रोहतक) पहुंचे। जहाँ रक्तदान शिविर में रक्त दान कर रहे युवाओ को सम्मानित किया और दादी सति के भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर गांव वासियों ने ढोल नगाड़े और बीन के साथ उनका स्वागत किया। इस मौके पर नवीन जयहिंद ने दादी सती धाम में दान दिया और जनता के बीच बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर उन्होंने दादी सती की समाधि पर मत्था टेका और प्रदेशवासियों के भले की कामना की। उन्होंने धाम में पूजा -पाठ के सभी रीति - रिवाजों को निभाते हुए कहा कि धर्म का हमारे जीवन में बहुत महत्व है और समय -समय पर हमें हमारे पूर्वजों को याद करते रहना चाहिए। जयहिंद ने पहरावर वासियों का भी धन्यवाद किया। इस मौके पर धाम में ब्लड डोनेशन कैंप का भी आयोजन किया गया। नवीन जयहिंद ने कहा कि रक्त दान से बड़ा कोई दान नहीं होता है। युवाओं को आगे आना चाहिए और उचित समय पर रक्त दान करते रहना चाहिए। जयहिंद ने रक्त दानियों को सम्मानित भी किया और उनके नेक काम की सराहना की।

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