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Press Note

पेड़ों से माफी मांगे विधायक बी बी बत्रा – जयहिंद

रोहतक / रोहतक से कांग्रेस विधायक भारत भूषण बत्रा जी ने विधानसभा में सेक्टर–6 स्थित बाग में लगे पेड़ों को लेकर बयान दिया है और इन पेड़ों को अवैध बताया। जिसे लेकर जयहिंद सेना सुप्रीमो नवीन जयहिंद ने सोमवार 25 नवंबर को पेड़ के नीचे प्रेसवार्ता की और बी बी बत्रा जी का वह वीडियो भी प्रेसवार्ता में दिखाया। जयहिंद ने विधायक बी बी बत्रा जी को बताया कि कोई बाप, बेटा व अन्य कोई व्यक्ति अवैध हो सकता है लेकिन पेड़ कभी अवैध नहीं हो सकता। विधायक बीबी बत्रा जी को पेड़ों से माफी मांगनी चाहिए। हम इस पेड़ों को नहीं कटने देंगे अगर पेड़ काटने है तो उससे पहले जयहिंद की गर्दन काटनी पड़ेगी। जयहिंद ने बताया कि इसे लेकर मुझ पर एफआईआर भी की गई है। हम इन पेड़ों को कटते हुए नहीं देख सकते। मुझे जेल में डाल दो मेरे मारने के बाद इस पेड़ों को काट लेना। अगर पेड़ों को काटने का इतना ही ज्यादा दिल करता है तो मैं विधायक जी को कुल्हाड़ी गिफ्ट कर दूंगा। जयहिंद ने विधायक भारत भूषण बत्रा द्वारा विधानसभा में बोले गए झूठ का भी पर्दाफाश करते हुए बताया कि 2008 में इस जमीन पर हाईकोर्ट का स्टे था और 2011 में HSVP(HUDA) विभाग द्वारा इस जमीन पर प्लॉट काटे गए। जबकि 2001 में जब चौटाला साहब की सरकार थी तब यहां किसानों की जमीनें अधिकरण की गई थी। और विधायक जी यह बताए कि जब 2004 में भूपेंद्र सिंह हुड्डा जी मुख्यमंत्री बने तब कितनी जमीन अधिकरण की गई और कितनी छोड़ी गई, किन–किन लोगों की छोड़ी गई व किस आधार पर छोड़ी गई। साथ ही विधायक जी यह भी बताए कि HUDA विभाग द्वारा स्टे वाली जमीन पर प्लॉट काटे गए थे और आपके कितने आदमियों की जमीन क्या लेकर रिलीज की गई थी। यह स्टे होने के बावजूद भी गैरकानूनी तरीके से प्लॉट काटे गए थे और यह बात प्लॉट धारक भी जानते थे। विधायक जी कहते है कि 11 साल हो गए लोगो को यहां कटे प्लाटों के पैसे भरे लेकिन इस जमीन पर स्टे तो 2008 में लगा था तो इसका मतलब स्टे को लगे16 साल हो चुके है और स्टे वाली जगह पर प्लॉट काटे गए। हम यह कह रहे है कि प्लॉट वाले को प्लॉट मिलने चाहिए लेकिन पेड़ों को काटकर ही क्यों। आस पास 16 किले खाली है उनमें भी प्लॉट काटे जा सकते है। यहां जो हजारों पेड़ काटने की बात हो रही है वे पेड़ 15 से 20 साल पुराने है, जो लाखों लोगों को स्वच्छ हवा व ऑक्सीजन प्रदान करते है। हमने इस पेड़ों को अपने हाथों से सिंचा है। हम विधायक जी से यह पूछना चाहते है कि विधायक जी ने अपने 10 साल के कार्यकाल में 10 पेड़ भी कहीं लगाए है क्या? 10 भी किसी की समस्या उठाई है क्या? आपकी पेड़ों के साथ क्या दुश्मनी है? जयहिंद ने कहा कि वे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी से मिलने का समय मांगेगे और उनसे अपील भी की इस पूरे मामले पर एसआईटी बिठाकर जांच की जाए। बताते है कि यह सरकार की जमीन है तो सरकार का काम पेड़ लगाना होता है या पेड़ों को कटना। जबकि सरकार तो पेड़ों को पेंशन देने की बात कहती है तो सरकार कैसे पेड़ों को कटवा सकती है। यहीं सामने एक पार्क है उसमें आज तक कोई डेवलेपमेंट नहीं हुआ। जयहिंद ने विधायक बी बी बत्रा जी सवाल पूछते हुए कहा कि क्या जो कुछ आपने विधानसभा में बोला है वह भूपेंद्र सिंह हुड्डा साहब या दीपेंद्र सिंह हुड्डा जी से अनुमति लेकर बोला है क्योंकि ऐसा सुनने में आता है कि विधायक जी इनकी अनुमति के बिना पानी तक नहीं पीते। तो इस पर हमारा एक सवाल यह भी बनता है कि क्या भूपेंद्र सिंह हुड्डा व दीपेंद्र सिंह हुड्डा जी भी इन पेड़ों को कटवाना चाहते है? अगर वे ऐसा चाहते है तो यहां आएं ओर कुल्हाड़ी के साथ इन सभी पेड़ों को काट जाएं। जयहिंद ने कहा कि विधायक जी सुप्रीम कोर्ट का हवाला दे रहे है जबकि सुप्रीम कोर्ट ने तो यह भी फैसला दिया है कि हरियाणा को एसवाईएल का पानी मिलना चाहिए, हम उनसे पूछना चाहते है कि एसवाईएल को लेकर अपने कितनी बार विधानसभा में आवाज उठाई है? कितनी बार सड़कों पर उतरकर रोहतक की जनता की आवाज उठाई है?

हरियाणा के एमएलए–एमपी सो रहे है इसलिए मेरे पास समस्या लेके आ रही है जनता – जयहिंद

जयहिन्द के पेड़ो के नीचे समस्या लेकर पहुँचे सैंकड़ों लोग मेरे पास समस्या लेके क्यों आ रही है जनता पक्ष विपक्ष सोचे – जयहिन्द हरियाणा के एमएलए–एमपी सो रहे है इसलिए मेरे पास समस्या लेके आ रही है जनता – जयहिंद जीतने वाले नेता जश्न में डूबे है, हारने वाले ग़म और सदमें में डूबे है – जयहिंद हर एमपी–एमएलए लगाए जनता दरबार, सोशल मीडिया पर हो लाइव प्रसार – जयहिंद रोहतक / जैसा कि आप सभी जानते है कि नवीन जयहिंद का तम्बू सरकार व प्रशासन द्वारा तोड़ दिया गया था जिसके बावजूद आज भी लोग अपनी समस्या लेकर जयहिंद के पास टूटे हुए तम्बू यानी पेड़ के नीचे पहुंचते है। आपको बता दें कि जयहिंद हर रविवार को सुबह 10बजे से दोपहर 2 बजे तक लोगो से मिलते है और उनकी समस्याएं सुनते है। इसी कड़ी में रविवार 24 नवंबर को सैकड़ों लोग अपनी समस्या लेकर जयहिंद के पेड़ के नीचे पहुंचे। जिनमें से बिजली विभाग के कच्चे कर्मचारी, CPLO–LCLO के कर्मचारी, कुछ लोग बीपीएल कार्ड, फैमिली आईडी की समस्याएं लेकर पहुंचे। जयहिंद ने कहा कि हम पूरे दमदार तरीके से आपकी समस्या उठाएंगे साथ ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी व शासन–प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि इन लोगों की समस्याएं बहुत गंभीर है और जल्द से जल्द इनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। जयहिंद ने कहा न तो मैं कोई एमएलए–एमपी हूं और न ही सरकार या विपक्ष का नेता, लेकिन फिर भी लोग अगर मेरे पास अपनी समस्या लेकर आते है तो इस विषय पर सरकार व विपक्ष को सोचना चाहिए। क्योंकि लोगो की समस्याएं सुनने के लिए सरकार व विपक्ष के पास नेता जरूर होने चाहिए। सरकार को इनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए और विपक्ष को इनकी आवाज उठानी चाहिए। ऐसा लगता है मानो हरियाणा के सभी एमपी–एमएलए सो रहे है जिस कारण लोग हमारे पास समस्या लेकर आते है। जयहिंद ने लोगो से भी अपील करते हुए कहा कि अगर आपको सरकार से, शासन व प्रशासन से किसी भी प्रकार की कोई भी समस्या है तो आपको न्याय के लिए मजबूती से खड़े होना सीखना पड़ेगा। साथ ही अगर किसी दूसरे को कोई समस्या आए तो उसके लिए भी खड़ा होना चाहिए। –––बॉक्स––– जीतने वाले नेता जश्न में डूबे है, हारने वाले ग़म और सदमें में डूबे है – जयहिंद जो अलग–अलग राज्यों के चुनाव नतीजे आए है उन पर जयहिंद ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभी पार्टियां जीती है कहीं से कोई पार्टी जीती तो कहीं से कोई पार्टी हारी। सभी को खुश रहना चाहिए न कि किसी प्रकार का कोई रोना–धोना मचाना चाहिए। हमारा ये मानना है कि जीतने वालों को जनता की सेवा करनी चाहिए और हारने वालों को हिम्मत नहीं हरनी चाहिए बल्कि जनता के लिए संघर्ष करना चाहिए। जयहिंद ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी जी लोगो की समस्याएं सुनने के लिए जनता दरबार लगाते है अच्छी बात है लेकिन सरकार के हर एमपी–एमएलए को सप्ताह में 1 दिन जनता दरबार लगाना चाहिए व हर विभागों के मुख्य अधिकारियों को अपने–अपने जिले में सप्ताह के 5 दिन लोगो की समस्याएं सुनने के लिए दरबार लगाना चाहिए और उसे सरकार के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रसार किया जाना चाहिए।

हमें गर्व है गौ माता के लिए लड़े – नवीन जयहिन्द

रोहतक / आज से करीब सात साल पहले हमने सड़कों पर घूमती गऊ माता के चारे के लिए खूंटा गाड़ अभियान चलाया जिसमें उस समय वित्त मंत्री रहे कैप्टन अभिमन्यु के घर के बाहर गाय बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। उसे लेकर हम पर केस हुआ जिसकी शुक्रवार 22 नवंबर को रोहतक कोर्ट में माननीय जज साहब मंगलेश चौबे जी की कोर्ट में पेशी हुई और जज साहब द्वारा अगली तारीख 3 दिसंबर की दी गई। आपको बता दें कि इस केस में बीते 13 नवंबर को सात पुलिसकर्मियों की गवाही हुई थी और गवाही क्लोज हो चुकी थी। इस मौके पर एडवोकेट गौरव भारतीय भी मौजूद रहे। जयहिंद को कोर्ट जाते देख कुछ परेशान आदमी जयहिंद से मिले और उन्हें अपनी समस्या बताई। पीड़ितों ने बताया कि हम अपनी समस्या लेकर बहुत जगह जा चुके लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई अब बस आप से उम्मीद है। जयहिंद ने बताया हमने तो गौ माता के लिए शांतिपूर्वक ढंग से प्रदर्शन किया था, ताकि गौ माता के रहने व खाने के लिए ग्रांट मिल सके। और बाद सरकार ने गौशालाओं के लिए 20 करोड़ की ग्रांट पास करनी पड़ी। क्योंकि गौ माता सड़कों पर घूमती थी, उनके चारे की व्यवस्था नहीं थी, उनके रहने की व्यवस्था नहीं थी। जयहिंद ने कहा जज साहब द्वारा जो भी फैसला लिया जाएगा वह माननीय होगा। हम गौ माता के लिए जो भी सजा मिले वह भुगतने को तैयार है और आगे भी गौ माता को न्याय दिलाने के लिए हम सड़कों पर जरूर उतरेंगे इसके लिए चाहे हम पर सौ केस लग जाएं। साथ ही जयहिंद ने बताया कि सरकार को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि गौ माता सड़कों पर ना घूमे, क्योंकि इससे सड़कों पर घटनाएं भी होती है जिसमें गौ माता व उनके बेटे भी दुर्घटना का शिकार होते है।

जनता की लड़ाई लड़ने के लिए अब दो महीने अस्त्र–शस्त्र इकठ्ठा करेंगे - जयहिंद

रोहतक /हरियाणा में अक्सर चर्चा में रहने वाले जयहिंद ने रविवार 17 नवंबर को हवन यज्ञ कर तम्बू की सत्रहवीं कर दी। गत दिनों जयहिंद के तम्बू पर सरकार का बुलडोजर चला ओर इससे पहले भी जयहिंद जिस बाग में रहते थे उसे भी तोड़ दिया गया था। वहीं तंबू की सत्रहवीं पर सैकड़ों लोग पहुंचे और तम्बू की सत्रहवीं के हवन यज्ञ पर आटा, फल व तरह तरह का सामान लेकर पहुंचे और हवन में आहुति दी। जयहिंद ने बताया कि अब हम जनता की लड़ाई लड़ने के लिए दो महीनों तक अस्त्र–शस्त्र इकठ्ठा करेंगे क्योंकि कोई भी लड़ाई बिना अस्त्रों–शस्त्रों के नहीं लड़ी जाती। हम हरियाणा के दो करोड़ वोटरों के लिए लड़ाई लड़ रहे है। हम चाहते है कि लोग अपने हक के लिए आवाज उठाना सीखें। हमारा मकसद सिर्फ लोगों को जागरूक बनाना है। जयहिंद ने कहा कि मुझे संघर्ष करते हुए 21 साल हो चुके है, बहुत से लोगों ने तन–मन–धन से हमारी मदद की है। अब मैं उन सभी संघर्ष के साथियों से मिलूंगा और उनमें से 2100 आदमियों का चुनाव करूंगा जो निस्वार्थ भाव से हमारी मदद करते रहे। हम विपक्ष से सवाल करते है कि वह जनता की आवाज क्यों नहीं उठाता क्या उन्हें जनता की समस्याएं दिखाई नहीं देती या विपक्ष की सरकार के साथ कोई सेटिंग है जो विपक्ष जनता की लड़ाई लड़ने से हिचकिचाता है। जयहिंद ने कहा कि अगर जनता चाहेगी कि जयहिंद आगे भी ऐसे ही संघर्ष करता रहे ओर जनता की आवाज उठाता रहे तो नए साल पर हम नए रूप में दिखेंगे। अगर जनता चाहेगी कि जयहिंद कोई संघर्ष न करे और घर बैठा रहे तो हम घर बैठ जाएंगे। जयहिंद ने बताया कि जिस तम्बू की सत्रहवीं की जा रही है ये वही तम्बू है जिससे लाखों लोगों का भला हुआ है इसी तंबू के द्वारा लाखों बुजुर्गो की पेंशन बनी , इसी तंबू से हजारों बेरोजगारों को सरकारी नौकरियां मिली, इसी तंबू से हजारों लोगों के बीपीएल कार्ड बने हैं इसी तंबू के माध्यम से पहरावर की जमीन वापिस मिली इसके साथ ही तंबू के माध्यम से खिलाड़ियों को खेल कोटा वापिस मिला इसके साथ तम्बू के द्वारा जनता की अदालत लगाने के साथ साथ सैकड़ों ऐसे आंदोलन किए जिसकी शुरुआत तम्बू से हुई और सरकार को हमारी मांगे मानी। वही हरियाणा के हक एसवाईएल और पीजीआई के कच्चे कर्मचारियों तक की आवाज इसी तंबू से उठी। जयहिंद ने बताया आज भी लोग अपनी अलग अलग समस्याएं लेकर पहुंचे वही जयहिंद ने बताया कि सेक्टर 6 टूटे हुए तंबू वाले स्थान पर प्रत्येक रविवार को 10 बजे से 2 बजे तक जनता की समस्याएं सुनी जाएगी

गाय का खूंटा गाड़ अभियान जयहिंद केस सात पुलिस वालो की हुई गवाही पूरी अब होगी 22 नवंबर को बहस

रोहतक / आज से करीब सात साल पहले हमने सड़कों पर घूमती गऊ माता के चारे के लिए खूंटा गाड़ अभियान चलाया जिसमें उस समय वित्त मंत्री रहे कैप्टन अभिमन्यु के घर के बाहर गाय बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। उसे लेकर हम पर केस हुआ जिसकी बुधवार 13 नवंबर को रोहतक कोर्ट में माननीय जज साहब मंगलेश चौबे जी की कोर्ट में पेशी हुई। इस केस में आज सात पुलिसकर्मियों की गवाही हुई और गवाही क्लोज हो चुकी है, अब 22 नवंबर को कोर्ट में इस मामले पर दोबारा बहस होगी। इस मौके पर एडवोकेट गौरव भारतीय भी मौजूद रहे। साथ इससे पहले सुबह ही पीजीआई के कच्चे कर्मचारियों ने फोन कर जयहिंद को पीजीआई बुलाया क्योंकि वहां बहुत से कर्मचारियों के हाजरी के लिए अंगुठे नहीं लगवाए गए, जिस कारण सभी कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए। जयहिंद तुरंत ही पीजीआई पहुंचे और ठेकेदार से बात कर बताया कि हमारी आपके साथ कोई लड़ाई नहीं है, हम चाहते है पॉलिसी लागू की जाए। अगर किसी भी कर्मचारी को इस तरह बेवजह परेशान किया गया तो हमसे बुरा कोई नहीं होगा इसे आप सलाह समझ सकते है या फिर चेतावनी। जयहिंद ने बताया हमने तो गौ माता के लिए शांतिपूर्वक ढंग से प्रदर्शन किया था, ताकि गौ माता के रहने व खाने के लिए ग्रांट मिल सके। और बाद सरकार ने ग्रांट पास भी की। क्योंकि गौ माता सड़कों पर घूमती थी, उनके चारे की व्यवस्था नहीं थी, उनके रहने की व्यवस्था नहीं थी। जयहिंद ने कहा जज साहब द्वारा जो भी फैसला लिया जाएगा वह माननीय होगा। हम गौ माता के लिए जो भी सजा मिले वह भुगतने को तैयार है और गौ माता को न्याय दिलाने के लिए हम सड़कों पर जरूर उतरेंगे इसके लिए चाहे हम पर सौ केस लग जाएं। साथ ही जयहिंद ने बताया कि सरकार को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि गौ माता सड़कों पर ना घूमे, क्योंकि इससे सड़कों पर घटनाएं भी होती है जिसमें गौ माता व उनके बेटे भी दुर्घटना का शिकार होते है।

जयहिंद बोले राज्यपाल ने कहा जल्द ही होगा समस्या का समाधान

रोहतक / हरियाणा के रोहतक जिले में नवीन जयहिंद सैक्टर 6 तंबू अक्सर चर्चाओं में रहता हैं पिछले दिनों जयहिंद के तंबू को बुलडोजर से सरकार द्वारा गिरा दिया गया ताकि जयहिंद लोगो की समस्याएं उठानी बंद कर दे ओर तंबू में लगाए जाने वाले जनता दरबार बंद हो जाए वही गत मंगलवार को हजारों पीजीआई के कच्चे कर्मचारी अपनी समस्याएं लेकर जयहिंद के टूटे हुए तम्बू में पहुंचे और जयहिंद के नेतृत्व में पीजीआई में पहुंच रहे माननीय राज्यपाल जी ओर स्वास्थय मंत्री आरती राव को अपनी समस्याओं से अवगत कराने टूटे हुए तम्बू से पीजीआई की ओर कूच की। हजारों कच्चे कर्मचारियों ने पीजीआई की तरफ सड़क पर पैदल गमन किया तभी बीच में ही सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने बेरिकेडिंग करके जयहिंद को बीच रास्ते में ही रोक दिया जिसके बाद जयहिंद पीजीआई के कच्चे हजारों कर्मचारियों के साथ बीच सड़क पर ही बैठ गए जिसके बाद नवीन जयहिंद ओर कमेटी के कुछ सदस्यों को लेकर पीजीआई में ही माननीय राज्यपाल, डीसी व एसडीएम के सामने समस्याओं से अवगत कराने के लिए ले जाया गया जहां पहले डीसी व एसडीएम मिलने पहुंचे फिर राज्यपाल जी से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा। नवीन जयहिंद ने पीजीआई के सभी कच्चे कर्मचारियों की समस्याओं ओर पीजीआई में चल रहे भ्रष्टाचार के मामले से अवगत कराया जिसके बाद राज्यपाल जी द्वारा सभी मामले की जांच के आदेश जिला प्रशासन को दिए ताकि कच्चे कर्मचारियों की मांगो का जल्द से जल्द समाधान हो सके वही जयहिंद ने चुनाव के दौरान चुनाव लड़ने वाले नेताओ पर भी तंज कसते हुए कहा कि चुनाव से पहले हजारों चुनावी शेर हरियाणा के अलग अलग हलकों में घूम रहे थे अब वे हजारों चुनावी शेर किस गुफा में छिप गए है उन्हें गुपा से बाहर आकर हरियाणा की जनता की समस्याओं को दूर करवाने के लिए सामने आना चाहिए ताकि जनता की समस्याओं का समाधान हो जयहिंद ने हरियाणा में विपक्ष को अब विधानसभा चुनाव में हुई हार के संतापे से बाहर निकलकर हरियाणा की पीड़ित जनता की आवाज उठानी चाहिए सिर्फ चुनाव के 5 महीने पहले जनता के बीच जाकर चुनाव जीतने का ढोंग नहीं करना चाहिए अगर विपक्ष जनता की आवाज नहीं उठाएगा तो ऐसे तो अगले 10 साल तक विपक्ष हरियाणा में सत्ता की कुर्सी हासिल नहीं कर पाएगा –––बॉक्स––– कर्मचारी बोले पेड़ नहीं कटने देंगे कर्मचारियों ने कहा जहां पर यह तम्बू था वहां पर किसी का कोई प्लाट नहीं था और रही बात बाग की तो सरकार बाग में इतने पेड़ काट कर कैसे प्लॉट काट सकती है और हम इन पेड़ों को नहीं कटने देंगे। जबकि हमारे मुख्यमंत्री नायब सैनी जी भी इस समाज से आते है जिस समाज में पेड़–पौधों की रक्षा की जाती है। ओर अगर फिर भी मुख्यमंत्री साहब पेड़ काट कर प्लॉट काटते है तो उन्हे पाप लगेगा।

कल 12 नवंबर को पीजीआई के कच्चे कर्मचारियों की समस्या लेकर राज्यपाल व स्वास्थ्य मंत्री के पास जाएंगे जयहिंद

रोहतक / सोमवार 11 नवंबर को जयहिंद ने पेड़ के नीचे प्रेसवार्ता कर बताया कि हम 12 नवंबर को पीजीआई पहुंच रहे राज्यपाल व स्वास्थ्य मंत्री के सामने पीजीआई के कच्चे कर्मचारियों की व वहां चल रहे भ्रष्टाचार की समस्या रखने जरूर जाएंगे और यह कोई प्रदर्शन नहीं है हम बिल्कुल शांतिपूर्ण तरीके से उनसे मिलेंगे और अपनी बात उन्हें बताएंगे। जयहिंद ने एक पीजीआई प्रशासन द्वारा जारी एक पत्र दिखाते हुए कहा की यह जो पत्र प्रशासन द्वारा जारी किया गया है यह सभी कर्मचारियों की तख्वाह बढ़ाने के बारे है तो हम पीजीआई प्रशासन से यह पूछना चाहते है कि यह पत्र सच्चा है या झूठा, इस पर पीजीआई प्रशासन अपनी स्थिति स्पष्ट करे। जयहिंद ने बताया कि अगर जो भी साथी मेरे साथ पीजीआई राज्यपाल व स्वस्थ मंत्री के समक्ष जाना चाहता है तो वह 12 नवंबर को सुबह 9 बजे तक जहां तम्बू तोड़ा गया है उसी स्थान पर पेड़ के नीचे आ जाए। अगर कोई आता है तो ठीक है वरना मैं अकेला जरूर पीजीआई जाऊंगा और समस्या राज्यपाल व मंत्री जी के सामने रखूंगा। इसके लिए अगर पुलिस प्रशासन मुझे या किसी ओर व्यक्ति को वहां जाने से रोकता है तो मैं प्रशासन को बताना चाहता हूं कि मैं अपनी खुद की जिम्मेदारी पर वहां जा रहा हूं, किसी ओर व्यक्ति का रास्ता रोकने या उस पर केस करने का कोई मतलब नहीं है। जयहिन्द ने बताया हमने तो तम्बू से लोगो की आवाज उठाई है अगर सरकार को लगता है कि इस तरह तम्बू पर बुलडोजर चला देने से हम लोगों की आवाज उठाने से रुक जाएंगे तो सरकार बिल्कुल गलत सोचती है। इसके लिए जयहिन्द की जीभ, हाथ–पैर काटने पड़ेंगे या जान से मारना पड़ेगा लेकिन फिर भी हम लोगों की आवाज उठते रहेंगे।

जयहिन्द ने किया तम्बू का अंतिम संस्कार सरकार को थी तम्बू से समस्या – जयहिन्द

रोहतक / रविवार 10 नवंबर को जयहिंद के टूटे हुए तम्बू में जयहिन्द सेना के कोर कमांडरों की मीटिंग हुई जिसमें प्रदेश के हर जिले से लोग पहुंचे। सभी ने अपने–अपने विचार रखे और बाद में उसी स्थान पर टूटे हुए तम्बू का अंतिम संस्कार किया। साथ ही यह फैसला लिया गया कि सेक्टर–6 में जहां सरकार का बुलडोजर तम्बू पर चला था उसी जगह पर अगले रविवार 17 नवंबर को टूटे हुए तम्बू की सत्रहवीं की जाएगी। जयहिंद ने बताया कि जब तक वह जिंदा है 36 बिरादरी की आवाज उठाई जाएगी और आगे भी जनता दरबार भी इसी तरह लगाया जाएगा। अगर सरकार को जयहिंद द्वारा लगाए जाने वाले जनता दरबार से इतनी ही दिक्कत है तो सरकार जयहिंद को हरियाणा से तड़ीपार कर दे ओर अपने मंत्रियों और अधिकारियों को कहे कि वे जनता की समस्याओं का समाधान करें। जयहिंद ने बताया कि जिस जगह पर तम्बू था उस जगह पर किसी का कोई प्लाट नहीं था और न ही किसी का कब्जा ओर आस पास भी हजारों पेड़–पौधे भी थे। अगर सरकार इन पेड़ों को काटकर यहां प्लाट निकालना चाहती है तो यह सरकार की बहुत खराब नीति है। जयहिंद ने बताया कि हमारे मुख्यमंत्री नायब सैनी जी भी उस समाज से आते है जिस समाज में पेड़–पौधों की रक्षा की जाती है, अगर सरकार ऐसा करती है तो वह पाप की भागी बनेगी और नरक में जाएगी। साथ ही जयहिंद ने कहा कि इन पेड़ों से पहले जयहिंद की गर्दन कटेगी। जिस तरह से जयहिंद के तम्बू पर सरकार का बुलडोजर चला कोर कमांडरों ने सरकार की इस हरकत को कायराना बताते हुए कहा कि तम्बू से लोगो की आवाज उठाई जाती थी अगर सरकार को लगता है कि इस तरह तम्बू पर बुलडोजर चला देने से हम लोगों की आवाज उठाने से रुक जाएंगे तो सरकार बिल्कुल गलत सोचती है। यहां तक कि तम्बू के टूटने से सभी पक्ष व विपक्ष के नेता सभी खुश नजर आ रहे है। जयहिन्द की जीभ, हाथ–पैर काटने पड़ेंगे या जान से मारना पड़ेगा लेकिन फिर भी हम लोगों की आवाज उठते रहेंगे। जयहिंद के टूटे हुए तम्बू में पीजीआई के कच्चे कर्मचारी भी पहुंचे। आपको बता दें कि गत दिनों पहले भी पीजीआई के कच्चे कर्मचारी अपनी समस्या लेकर जयहिंद के पास आए थे जिस पर जयहिंद ने उनकी समस्या सुनने के बाद ऐलान किया था कि 12 नवंबर को वे पीजीआई पहुंच रहे हरियाणा के राज्यपाल व स्वास्थ्य मंत्री के पास जाएंगे और उनके सामने समस्या रखेंगे। साथ ही कुछ लोगों बीजेपी ऑफिस कि बाहर की सड़क ख़राब होने की शिकायत लेकर टूटे हुए तम्बू में पहुंचे।

सैंकड़ों पीजीआई कर्मचारी अपनी तनख्वाह बढ़वाने पहुंचे जयहिन्द के तम्बू में

रोहतक / 5 नवंबर को पीजीआई के सैकड़ों कर्मचारी अपनी तनख्वाह, एरियर और इंक्रीमेंट बढ़वाने जयहिन्द के तम्बू में पहुंचे। कर्मचारियों ने जयहिन्द को बताया कि हमें नौकरी करते लगभग 5 से 10 साल हो गए है। जब तक हमें एचकेआरएन में नहीं डाला जाता तब तक हमें ठेकेदार के अंडर ही रखा जाए। इसी पर जयहिन्द ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन कर्मचारियों को नौकरी करते 5 साल से कम का समय हुआ है उनकी नौकरी पर भी आंच नहीं आनी चाहिए। साथ ही जयहिन्द ने पीजीआई के वॉइस चांसलर, डायरेक्टर, रजिस्ट्रार और ठेकेदार को चेतावनी दी के सभी कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द हो जाना चाहिए वरना सड़क पर उतरकर हम अपनी आवाज उनके कानो तक पहुंचाने का काम करेंगे। जयहिन्द ने बताया कि ये कर्मचारी मेरे पास अपनी समस्या लेकर आते है मैं कोई विधायक या सांसद नहीं हूं और न ही विपक्ष में हूं। पूछने पर कर्मचारियों ने बताया कि हम सब जगह जा चुके है लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर जयहिन्द ने सवाल उठाया कि विपक्ष के नेता कब जागेंगे क्योंकि पक्ष व विपक्ष को इन लोगों की आवाज उठानी चाहिए और समाधान करवाना चाहिए। जयहिन्द ने कहा यह संयोग की ही बात है कि आज भी रोहतक पीजीआई में कच्चे कर्मचारियों की समस्या व बहुत से भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे है। इस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी जी व स्वास्थ्य मंत्री आरती राव जी को संज्ञान लेना चाहिए। क्योंकि पीजीआई को भी इलाज की जरूरत है। –––बॉक्स––– पीजीआई भर्ती के कोर्ट केस मामल पर रोहतक कोर्ट में पेश हुए जयहिन्द जैसा कि आप सभी जानते है कि कुछ समय पहले जब रोहतक पीजीआई भर्तियों में चल रहे भ्रष्टाचार की शिकायत लेकर कुछ अभ्यर्थी नवीन जयहिन्द के पहुंचे थे तो जयहिन्द ने रोहतक पीजीआई में पहुंचकर भ्रष्टाचार का विरोध किया जिसके बाद जयहिन्द व उनके साथियों पर केस कर दिया जिसकी तारीख पर 5 नवंबर को नवीन जयहिन्द रोहतक कोर्ट में पहुंचे। जयहिन्द ने कहा कि हम जनता की आवाज उठते रहेंगे चाहे कितने भी कोर्ट कैसे क्यों न हो। इस मौके पर एडवोकेट गौरव भारतीय भी कोर्ट में मौजूद रहे।

बड़े नेता और बड़े अधिकारी ठेकेदार से मिलके करते है पीजीआई कर्मचारियों का शोषण- जयहिंद

रोहतक / हरियाणा में नई नवेली बीजेपी सरकार बन चुकी है और हरियाणा में मंत्रियों को सरकार द्वारा उनके मंत्रालयों का भी बटवारा कर दिया गया है वहीं हरियाणा में जनता की समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही है गत रविवार को रोहतक स्थित जयहिंद के तंबू में एक बार फिर जनता की समस्याओं को लेकर दरबार लगा जिसमे हरियाणा के अलग अलग जिलों से लगभग सैकड़ों फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे वही पीजीआई एम एस रोहतक मैडिकल में काम कर रहे सैकड़ों अलग अलग पदों पर विराजमान कच्चे कर्मचारी भी अपनी समस्या लेकर जयहिंद के तंबू में लगाए गए जनता दरबार में पहुंचे पीजीआई के सैकड़ों कच्चे कर्मचारियों ने अपनी समस्या से अवगत कराते हुए बताया कि सरकार ने हरियाणा में ठेका प्रथा बंद करने की घोषणा की हुई है और सरकार द्वारा अब एचकेआरएन के तहत सभी विभागों में भर्ती किया जा रहा है लेकिन जिस कंपनी ने पीजीआई में ठेका लिया हुआ है उस कंपनी के द्वारा सैकड़ों कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है जबकि एचकेआरएन के तहत कर्मचारियों को ज्यादा सैलरी दी जा रही है जबकि ठेकदार के डरा उन्हें कम सैलरी दी जा रही है जिससे ठेकदार द्वारा करोड़ो रु का घोटाला किया जा रहा है और उनकी कई महीनों की सैलरी भी बकाया है जो ठेकदार द्वारा नहीं दी जा रही है जयहिंद ने जनता दरबार में कच्चे कर्मचारियों की सभी समस्याओं को ध्यान से सुना ओर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और सरकार को अपील करने के साथ साथ पूरे मामले को सुलझाने के साथ साथ कर्मचारियों की समस्या की तह तक जाने की बात कही ताकि पीजीआई में काम कर रहे सैकड़ों कर्मचारियों का शोषण ना हो जयहिंद ने कर्मचारियों का शोषण कर रही पीजीआई का ठेका लेने वाली कंपनी के साथ साथ पर्दे के पीछे सह दे रहे किसी भी नेता जी को भी चेताया कि अगर किसी पार्टी का कोई नेता जो सैकड़ों कर्मचारियों की कम सैलरी के नाम पर शोषण कर रहा है और करोड़ो रु के घोटाले में शामिल है या तो अपने आप में सुधार कर ले ओर कच्चे कर्मचारियों का कंपनी के माध्यम से शोषण बंद कर दे या फिर आंदोलन के लिए तैयार रहे वही जयहिंद ने बताया कि 12 नवंबर को पीजीआई रोहतक में महामहिम हरियाणा राज्यपाल ओर स्वास्थय मंत्री आरती राव आ रहे है उससे पहले इन सैकड़ों कर्मचारियों की समस्या का समाधान कर दे नहीं तो 12 नवंबर को सभी कर्मचारियों को लेकर पीजीआई पहुंचूंगा क्योंकि ये लगभग सभी कर्मचारी पिछले 5 साल से लेकर 15 सालों से काम कर रहे हैं और जबकि सरकार स्वयं भी ठेकदारों खत्म करके एचकेआरएन के तहत भर्ती करने की बात स्वयं भी कह चुकी है जयहिंद ने पीजीआई में काम कर रहे कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी के अंतर में हो रहे करोड़ो रु के घोटाले पर भी सवाल उठाए जयहिंद ने चुनाव के दौरान जनता से वोट मांगने वाले ओर उनके हर दुख सुख में साथ देने वाले नेताओ की मंशा पर भी सवाल उठाए और वहीं कांग्रेस के पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के साथ साथ रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा को भी विपक्षी पार्टी के नेता के तौर पर जनता की आवाज उठाने बारे आग्रह किया और पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर जिनकी हरियाणा में सरकार है कर्मचारियों की समस्या को दूर करवाने बारे आहवान किया के साथ ही हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री साहब जब आपका दरबार जनता के लिए लग रहा है तो ये लोग मेरे पास अपनी समस्याएं लेकर क्यों आ रहे हैं में कोई विधायक या सांसद नहीं हु इसलिए सीएम साहब जल्द से जल्द इन पीजीआई के कर्मचारियों की समस्या का समाधान करे ताकि जयहिंद को इन कर्मचारियों को लेकर सड़क पर ना उतरना पड़े

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