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संत गोपालदास जी सच्चे गौ भक्त है – जयहिन्द

Press Note

रोहतक (23 दिसंबर) / सोमवार 23 दिसंबर को गौ भक्त संत गोपालदास जी गीता महोत्सव में गाय ले जाने वाले मामले में माननीय जज साहब हिमांशु आर्य जी की अदालत से बाइज्जत बरी हुए। नवीन जयहिन्द ने इसे खुशी का दिन बताया और रोहतक कोर्ट के बाहर फूल–मालाओं व लड्डु बांटकर संत जी का स्वागत किया। साथ ही जयहिन्द ने न्यायपालिका का धन्यवाद किया। इस मौके पर संत गोपालदास जी के साथ जयहिन्द , वकील व उनकी टीम मौजूद रही।
 
आपको बता दें कि 2017 में रोहतक रंगशाला में गीता महोत्सव चला हुआ था। गौ माता के लिए चारागाह भूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट ओर हाई कोर्ट के ऑर्डर को लागू करवाने के लिए हम बिल्कुल शांतिपूर्वक तरीके से गाय लेकर वहां गए थे ताकि सरकार जाग जाए। और सरकार ने षडयंत्र के तहत हमें डराने के लिए मुकदमा किया गया।
 
गोपालदास जी ने बताया कहीं न कहीं यह मेरी ही असफलता है कि मैं उनके मन में गौ माता के प्रति प्रेम नहीं जगा पाया, मुझे लगता है मुझे फिर से अपनी एन सांसे दाव पर लगानी पड़ेगी। अकेले मेरे द्वारा ही नहीं बल्कि प्रदेश में बहुत से लोगों द्वारा गौ माता की मांगों को लेकर संघर्ष किया है, तो सरकार को गौ माता की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। साथ ही गोपालदास जी ने कहा कि मैं सदा गौ माता के न्याय की लड़ाई लड़ता रहूंगा, लठ, गोली और जेल से आगे कुछ नहीं होता।
 
जयहिन्द ने बताया कि संत गोपालदास जी ने गौ माता के लिए सौ दिनों से ज्यादा का अनशन भी किया था। जब संत जी गौ माता के रहने व उनके चारे के लिए लड़ाई लड़ रहे थे, तो संत जी पर व हम पर केस किए गए।
 
साथ ही जयहिन्द ने समाज में रहने वाले लोगों से अपील करते हुए कहा कि यह ठीक नहीं है कि गौ माता का दूध निकाल कर उसे सड़कों पर धक्के खाने के लिए छोड़ने। गाय को जब हम अपनी माता का दर्जा देते है तो इज्जत भी उतनी ही करनी चाहिए।

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