Search

जयहिंद सेना प्रमुख डॉ नवीन जयहिंद मंगलवार को हनुमान जयंती के अवसर पर रोहतक में अलग -अलग जगह आयोजित समारोह में शिरकत की | इस मौके पर नवीन जयहिंद और उनके साथियों ने हनुमान जी का आशीर्वाद लिया और प्रसाद गृहण किया | नवीन जयहिंद ने हिसार बाईपास चौक मार्किट एसोसिएशन,रूपया चौक, गांव सांपला,मोखरा गावं, सुनारियां गाँव सहित कई गावों में आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत की | जयहिंद ने बजरंग बलि जी से प्रदेश की जनता की खुशहाली और समृद्धि की कामना के लिए आशीर्वाद माँगा | साथ ही कामना की जैसा धैर्य और शक्ति हनुमान जी में है उनके कुछ अंश प्रदेश के युवाओं में भी हो ताकि वे नशे और अपराध से बचे रहे | जैसा अनुशासित जीवन और भगवान श्री राम के प्रति बजरंग बलि जी की निष्ठा से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने जीवन में अनुसरण करना चाहिए | ब्रह्मचर्य जीवन को अपना कर ही हनुमान जी जैसी भक्ति कर सकते है | हनुमान जी की कृपा दृष्टि सदैव प्रदेश की जनता पर रहे और प्रदेश फलता -फूलता रहे | नवीन जयहिंद ने इस मौके पर मौजूद बुजुर्गों से भी आशीर्वाद लिया और बच्चों में भी नवीन जयहिंद को देख कर काफी उत्साह दिखा | बच्चों ने जयहिंद के साथ फोटो खिंचवाने शुरू कर दिया | बुजुर्गों ने भी नवीन जयहिंद को पगड़ी पहना सम्मानित किया | इस में बॉक्स -- इस मौके पर नवीन जयहिंद ने मौजद सभी भक्तो को रविवार 19 मई को पहरावर में आयोजित 121 फीट भगवान परशुराम मंदिर मूर्ति निर्माण और परशुराम जन्मोत्सव का न्योता दिया | इस दिन पहरावर में 36 बिरादरी के भाईचारे के साथ भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाया जायेगा और देशी घी के भंडारे का आयोजन किया जायेगा |

जयहिंद सेना प्रमुख नवीन जयहिंद सोमवार को पहरावर की जमीन से प्रशासन का बोर्ड उखाड़ने के मामले में रोहतक कोर्ट में पेश हुए | इस मौके पर जयहिंद ने कहा कि पहरावर की जमीन समाज की गौड़ ब्राह्मण संस्था की थी और अब समाज को वापिस मिल गई है | भोलेनाथ और भगवान परशुराम के आशीर्वाद और 36 बिरादरी के सहयोग के साथ संघर्ष के बाद समाज को वापिस मिली है | इसके बाद इस केस का कोई औचित्य नहीं रह जाता है | पता नहीं इस केस में कौनसी -कौनसी धाराएँ लगा दी गई है | जबकि वहां कोई मौजूद तक नहीं था | जयहिंद ने कहा कि भगवान भोले नाथ और भगवान परशुराम के भक्त है उन्हीं के आशीर्वाद से जनता की आवाज उठाने का काम करते है | पहरावर में जमीन नहीं जमीर की बात थी , समाज के मान -सम्मान और स्वाभिमान की बात थी | भगवान परशुराम ने कहा तो फरसा उठा लिया और समाज के हक़ की लड़ाई लड़ी| समाज के ठेकदार उस वक्त घरों में घुस गये थे जब समाज के हक़ की लड़ाई लड़ने की बात आई थी | अब जब पहरावर की जमीन वापिस समाज को मिल गिया थो मेरे जीवन का एक ही सपना है कि अयोध्या में राम मंदिर और पहरावर में परशुराम मंदिर बने | इसी को लेकर रविवार 19 मई को भगवान परशुराम मंदिर की नींव रखी जाएगी और 121 फीट ऊँची भगवान परशुराम की मूर्ति का निर्माण किया जायेगा| साथ ही आने वाले भक्तों के लिए देशी घी के भंडारा होगा | जयहिंद ने पत्रकारों द्वारा इतने केस होने से डरने की बात पर कहा कि डरते तो वे यमराज से भी नहीं है | हक़ की लड़ाई के लिए एक क्या हजार केस हो जाये | एक दर्जन तो पहले ही रखे है| ऐसा कौनसा सा नेता है जो जनता की आवाज उठाने के लिए एक महीने दो दो तीन तारीखों पर जाता है | उन कोई चोरी के केस या छोरी छेड़ने के केस नही चल रहे है | गौ माता के लिए चारा मांगने,प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार मांगने, बाहरियों की भर्ती करने पर, प्रदेश के भाईचारे और नशे खिलाफ कावड़ यात्रा निकलने पर और किसानों की समस्या के समाधान करवाने के लिए केस दर्ज हुए है | जयहिंद ने कहा कि जब पक्ष राज कर रहा था, विपक्ष खाज कर रहा था तब जनता की लड़ाई उन्होंने लड़ी थी | लोगों की फैमिली आईडी को लेकर, काटे गये BPL राशन कार्ड को लेकर, SYL के मुद्दे को लेकर, बेरोजगारों की बारात ,थारा फूफा जिन्दा है मुहीम, हरियाणा पुलिस के कर्मचारियों के भत्ते को लेकर, कर्मचारियों, सरपंचों की समस्याओं सहित प्रदेश के तमाम मुद्दों पर जनता के साथ सड़कों पर आये | भगवान भोलेनाथ और परशुराम ने बोला है अब जनता को जगाओं और नेताओ से सवाल करो कि आपके लिए आपने नेताओं ने पांच साल में क्या काम किया और आपके समस्याओं के लिए कब आपकी आवाज उठाई | इस मौके पर एडवोकेट गौरव भारती, एडवोकेट मदन लाल सहित मुनिपाल अत्री, विजेंद्र अत्री आदि मोजूद रहे

जयहिंद सेना प्रमुख नवीन जयहिंद रविवार को रोहतक के बसाना गावं की शहीद भगत सिंह गर्ल्स कबड्डी अकेडमी द्वारा आयोजित कबड्डी महाकुम्भ में बतौर अतिथि पहुंचे | नवीन जयहिंद ने सभी खिलाडियों को सम्मानित किया और कहा कि जीत और हार तो होती रहती है लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी है खेल की भावना का होना | मिलजुल कर खेलना | खेल हमारे अंदर टीम वर्क और नेतृत्त्व की स्किल को पैदा करता है | जिन्दगी में हमें हर चुनौती से लड़ने की शक्ति देता है | हमारे लिए सबसे ज्यादा जरूरी हमारा शरीर है | अगर तन ठीक है तो मन भी ठीक रहेगा और हमारा जीवन भी अच्छा होगा | इस मौके पर नवीन जयहिंद ने एकेडमी की डायरेक्टर निधि पायल और मैनेजर मोनू जाखड की सराहना करते हुए कहा कि निधि और मोनू दोनों ही समाज के लिए एक सराहनीय काम कर रही है | इस तरह से बिना किसी के सहारे के एक खेल अकैडमी को चलाना अपने आप में बहुत बड़ा संघर्ष है | इस एकेडमी में प्रदेश ही नहीं दुसरे राज्यों की लड़कियां भी खेल सिखने आ रही है | आज लड़कियों के लिए खेल बहुत जरूरी है उन्हें बीमारी और छेड़खानी से बचाने के लिए अपनी बहन -बेटियों को खेल जरुर सिखाये |

जयहिंद सेना प्रमुख डॉ नवीन जयहिंद ने एक बार फिर हजारों बेरोजगारों के साथ "बेरोजगारों की बारात" निकली | इससे पहले रोहतक और जींद में भी "बेरोजगारों की बारात" निकली जा चुकी | इस बार उन्होंने करनाल में बेरोजगारों के साथ ये बारात निकली और सरकार को अपना वायदा याद दिलाया | ये बारात करनाल के पुराने बस स्टैंड शुरू होकर पुरे शहर से होती हुई डीसी ऑफिस पहुंची जहाँ नवीन जयहिंद और बेरोजगारों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नाम युवाओं की प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा गया | जयहिंद ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि आज वे बरोजगारों की बारात निकाल रहे है क्योंकि प्रदेश में कोई भी भर्ती पूरी नहीं हो रही है | टीजीटी से लेकर cet तक सभी भर्तियों पर कोर्ट केस चल रहे है | आज ये सारे बेरोजगार बटेउ सरकार को अपना वायदा दिलाने के लिए आये है |जब पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था की 50 हजार भर्तियाँ की जाएँगी और ग्रुप डी से पहले ग्रुप सी की भर्ती होगी | वे सरकार का धन्यवाद करते है कि उन्होंने रांडा पेंशन शुरू की लेकिन सभी युवा तो रांडे नहीं रह सकते और न सारे रांडे मुख्यमंत्री या गृहमंत्री बन सकते है | पिहले 6 साल से कोई भी भर्ती पूरी नहीं हुई है | छोरे -छोरियों की शादी की उम्र निकल रही है | इनके बूढ़े माँ -बाप परेशान है इनकी शादी और नौकरी को लेकर | जयहिंद ने आगे कहा कि करनाल में आज प्रदेश के हर जिले से हजारों पढ़े-लिखे युवा आये है | कोई टीजीटी , कोई cet ग्रुप 56-57, कोई ग्रुप डी,फायर ऑपरेटर, कोई सोसिओ इकोनोमिक के अंक तो कोई हरियाणा पुलिस की भर्ती की समस्या को लेकर आया हुआ है | इन सभी भर्तियो पर कोर्ट केस चल रहे है | कोर्ट में इन भर्तियों को लेकर 22 अप्रैल को ग्रुप 56-57 और सोसिओ इकोनोमिक को लेकर 23 अप्रैल को सुनवाई है | लेकिन इन तारीखों पर जाने का समय आता है तो एजी साहब बीमार हो जाते है | वे एजी साहब को घी -दूध काजू -बादाम भेजने को तैयार है | उनकी सरकार से यही अपील है किसी दूसरे वकील को कोर्ट में भेजे और इन सभी भर्तियों को जल्द से जल्द कोर्ट केसों से बाहर निकलवाए , मजबूती से पैरवी कर निपटारा किया जाये और बेरोजगारों को नौकरी दी जाये | वही जयहिंद अपने साथ भंडारे का सामान जैसे घिया, पेठा की सब्जी, पनीर,मसाले, आटा, सरसों का तेल, चावल, छोले सहित तमाम सामग्री लेकर पहुंचे और कहा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को भी भर्तियां पूरी करने पर उनके नाम से देशी घी के भंडारे का ऑफर दिया था | मोजुदा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी यही ऑफर है| वे भर्ती पूरी करवाए और भंडारा करवाए | उन्हें अपनी सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री का वायदा जरुर पूरा करना चाहिए | पिछले कई दिनों से प्रदेश के सैकड़ों युवा नवीन जयहिंद के पास फोन करके और उनके तम्बू में पहुँच कर सरकार पर दबाव डलवाकर पिछली पेंडिंग भर्तियो को पूरा करवाने की अपील कर रहे हैं | जिसके चलते एक बार फिर जयहिंद ने अबकी बार रोहतक की बजाए करनाल की सड़को पर बेरोजगारों के लिए "बेरोजगारों की बारात निकालने का निर्णय लिया हैं | जयहिंद ने वही सरकार को भी अल्टीमेटम देते हुए कहा कि वे इन बेरोजगारों के हक़ की लड़ाई के लिए हर संघर्ष के लिए तैयार है | सरकार 4 जून तक इन सभी भर्तियों पर मजबूत पैरवी कर कोर्ट से बाहर निकलवाए और पूरी करें | अगर सरकार की नीयत उन्हें सही नहीं लगी तो उसके बाद इन बेरोजगारों के साथ मिलकर सरकार से हर मोर्चे पर जंग को तैयार है | बेरोजगारों का महाभारत के युद्ध होगा | वे इन बेरोजगारों के साथ तन-मन-धन से साथ है | प्रमुख झलकियाँ -- 1.करनाल की सड़कों पर नवीन जयहिंद के नेतृत्त्व में निकली गई " बेरोजगारों की बारात" 2. हजारों युवा मोड़ बांध कर थिरकते नजर आये करनाल की सड़कों पर, सोनू मलिक मोखरा बने मुख्य दूल्हा 3.चिल्ड्रेन बैंक के उडाये गये पैसे, घोड़ी और रथ के साथ निकली गई बारात बनी करनाल में आकर्षण का केंद्र 4.जयहिंद के हाथों में भंडारे का सामान जैसे घिया, पेठा की सब्जी, पनीर,मसाले, आटा, सरसों का तेल, चावल, छोले सहित तमाम सामग्री हमारा किसी राजनीतिक दल से कोई सरोकार नहीं - जयहिंद पत्रकारों द्वारा जब जयहिंद से सवाल किया गया की वे किसे सपोर्ट करते है तो उन्होंने तपाक से जवाब दिया कि वे बेरोजगारों को सपोर्ट करते है | ये बेरोजगार न तो किसी राजनीतिक दल से है और न इन्हें चुनाव लड़ना है सरकार अपना वायदा पूरा करें और इनकी भर्ती कोर्ट केसों से निकालवा कर पूरी करें | इनकी कोई भी नई मांग नहीं है | पिछले 2 साल से ये युवा लाखों रूपये इन भर्तियों को कोर्ट से बाहर निकलवाने पर खर्च कर चुके है | इसी में बॉक्स - विपक्ष कर रहा है बेरोजगारों के नाम पर राजनीति - जयहिंद वही जयहिंद ने विपक्ष को भी घेरते हुए कहा कि आज जब इन युवाओं को सबसे ज्यादा सुपोर्ट की जरूरत है | इनकी आवाज उठाए वाले चाहिए तो विपक्ष सड़क से गायब है | विपक्ष के नेता सिर्फ वोटों की राजनीति कर रहा है | इनकी हक़ की आवाज उठाने वाले नेता एसीयों में बैठ कर वोट गिन रहे है |